इस गॉर्डन में हैं 1600 किस्म के गुलाब
जनवरी:लेनिन,फरवरी:स्कॉरलेट,मार्च:लैवेंडर,अप्रैल:येलो,मई:क्रीमपिंक, जून:पिच,जुलाई:ब्राइटपिंक, अगस्त: ऑरेंज,सितंबर: रेड/येलो,अक्टूबर:एप्रिकोट, नवंबर:रस्ट,दिसंबर:क्रीमसन
{27 एकड़ में बना है।
{ 17, 000 पेड़ है।
{ यहां 1600 किस्म के गुलाब देखे जा सकते हैं।
INCREDIBLE...
सेक्टर16 का रोज़ गार्डन चंडीगढ़ आने वाले लोगों का फेवरेट टूरिस्ट स्पॉट है...
न् 1967 में चंडीगढ़ के पहले चीफ कमिश्नर एम एस रंधावा के देखरेख में सेक्टर-16 में एक गॉर्डन बनाया गया। 27 एकड़ में फैले इस गॉडर्न का नाम रखा गया जाकिर हुसैन रोज़ गॉर्डन। इस गॉर्डन के बनने के ठीक एक साल पहले ही चंडीगढ़ की नींव रखी गई थी। इसलिए इसके निमार्ण से जुड़े लोग चाहते थे कि यहां के बाशिंदों को एक ऐसी जगह दी जाए तो उन्हें ताजी हवा देने के साथ प्रकृति के करीब होने का एहसास दिलाए। इसी सोच के साथ यहां गुलाब की 1600 किस्में लगाई गई। साथ ही इस खूबसूरत गार्डन में बाहेरा, कपूर, बेल, हरड़ और पीले गुलमोहर के पौधे लगाए गए, जिनका औषधि के रूप में काफी महत्व है।
इस गार्डन में हर साल फेस्टिवल ऑफ गॉर्डन सेलिब्रेट किया जाता है। इस एनुअल फेस्ट को रोज़ फेस्टिवल भी कहा जाता है। तीन दिन के इस फेस्टिवल को सेलिब्रेट करने का मकसद जिंदगी के कुछ पल खूबसूरत फूल गुलाब के साथ बिताना है। इस फेस्ट का हिस्सा देसी-विदेशी टूरिस्ट भी बनते है। उन्हें इससे जोड़े रखने के लिए कल्चरल एक्टिविटीज और कॉम्पिटीशन भी रखें जाते है। इस साल रोज़ फेस्टिवल 22 फरवरी से 24 फरवरी को होगा। यहां साल के हर महीने को गुलाब की किस्म और रंग से जोड़ा गया है।