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पहले ही टीवी सीरियल में की एवरेस्ट की चढ़ाई
पहलाही टीवी सीरियल और टास्क माउंट एवरेस्ट की चोटी फतह करना। ऐसा अनुभव कम ही लोगों को होता है, जो पहली बार टीवी पर एक्टिंग भी कर रहे हों और साथ ही माउंट एवरेस्ट की चोटी की चढ़ाई भी। लेकिन यह मौका मिला स्टार प्लस के सीरियल \\\"एवरेस्ट\\\' के साहिल सलाथिया और रोहन गंडोत्रा को। सोमवार को दोनों ही अपने अनुभव साझा करने के लिए होटल पार्क प्लाजा पहुंचे। रोहन ने बताया की वह दिल्ली से हैं और यह उनका पहला टीवी सीरियल है। वे सीरियल में आकाश जोशी के किरदार में हैं, जो एक पत्रकार है और माउंट एवरेस्ट पर चढ़ना उसका मकसद है। साहिल ने बताया की वह जम्मू से हैं और चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी के यूआईईटी से बीटेक कर चुके हैं। इस सीरियल में वह अर्जुन का किरदार निभा रहे हैं और माउंट एवरेस्ट क्रॉस करना उनका लक्ष्य है। नाटक में दोनों ने ही एवरेस्ट चोटी पर 12 हजार फीट की चढ़ाई की है।
चंडीगढ़ से मिली एक्टिंग की राह
साहिल ने बताया कि उनके पिता एक आईपीएस ऑफिसर हैं लेकिन करियर को लेकर उन्हें हमेशा छूट मिली। चंडीगढ़ में पढ़ाई के दौरान एक मॉडलिंग कॉम्पिटीशन में हिस्सा लिया और फिर मॉडलिंग ही करियर बन गया। बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद मुंबई चला गया और कुछ मॉडलिंग प्रोजेक्ट्स करने के बाद इस सीरियल के लिए ऑडिशन दिया। मेरे कुल सात लुक टेस्ट हुए और इसमें कामयाब होने के बाद सीरियल के लिए ओके हुआ। शूटिंग के दौरान आशुतोष गोवारीकर जैसे बड़े नाम के आगे खड़े हो पाना थोड़ा मुश्किल था, लेकिन वह आसपास के माहौल को इतना कंफर्टेबल बना देते हैं कि काम करना आसान हो जाता है। वे कभी डांटते नहीं बल्कि कहते कि साहिल तुम अच्छे एक्टर हो लेकिन अगर इसे इस तरह से करोगे तो और अच्छा लगेगा। एक्टिंग बैकग्राउंड होने से कोई दिक्कत पेश होती है? के जवाब में साहिल ने कहा कि कभी कभी मुश्किलें आती हैं लेकिन अगर आपके प्रोड्यूसर और डायरेक्टर अच्छे हों तो दिक्कत की कोई बात नहीं।
माइनस छह डिग्री टेंपरेचर और खाने में सूप और मैगी : रोहनने कहा कि शूटिंग के दौरान कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पहली दिक्कत तो मौसम की थी। माइनस छह डिग्री टेंपरेचर और हर पल मौसम बदलने से कैमरा सेटअप और मेकअप में मुश्किल होती थी। कई बार तूफानी हवा और स्नो फॉल की वजह से टैंट भी टूट जाते थे। खाने में सूप मिलता तो कभी मैगी, किस्मत से कभी मटन भी खाने को मिल जाता थ