- Hindi News
- फेफड़ों के कैंसर से बचाव के लिए डॉक्टर्स तय करें, सर्जरी हो या ट्रांसप्लांटेशन
फेफड़ों के कैंसर से बचाव के लिए डॉक्टर्स तय करें, सर्जरी हो या ट्रांसप्लांटेशन
पीट्सबर्गहॉस्पिटलयूएसए के प्रो.जियोफ्रे करलैंड का कहना है कि भारत में फेफड़ों के कैंसर से बचाव के लिए डॉक्टरों को तय करना है कि ऐसे बच्चों के इलाज के लिए किस तरह की एप्रोच जरूरी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित बच्चों को बचाने की दर बहुत ज्यादा है। उन्होंने ये भी बताया कि डॉक्टरों को ये तय करना भी जरूरी है कि किस समय पर लंग कैंसर से पीड़ित बच्चे की सर्जरी या ट्रांसप्लांटेशन की जाए। उन्होंने कहा कि अमेरिका में रेस्पिरेटरी बीमारियों की वजह से चलने फिरने में असमर्थ बच्चों को अच्छा डांसर तक बनाना संभव है। प्रो. जियोफ्रे कुरलैंड ने ये बात इंडियन अकेडमी ऑफ पेडिएट्रिक्स की पीजीआई में हुई जनरल मीटिंग में कही। इस मीटिंग में पीजीआई के पेडिएट्रिक्स डिपार्टमेंट की प्रो. मीनू सिंह ने भारत में रेस्पिरेटरी प्राब्लम की वजह से होने वाले लंग कैंसर की वजह से बच्चों की मौत होती है। लेकिन अगर लंग ट्रांसप्लांट कर दिया जाए तो ऐसे बच्चों की जिंदगी बचाई जा सकती है।