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स्टूडेंट किडनैपिंग की कोशिश करने वाले से सीखेंगे?
अभिषेक धीमान. चंडीगढ़ k_abhishek@dbcorp.in
शहरमेंअब ऐसे लोगों की कमी हो गई है जिससे शहर के स्टूडेंट्स कुछ सीख सकें। ये कोई और माने या ना माने चंडीगढ़ पुलिस का तो यही मानना है। यही कारण है कि शहर की पुलिस को बच्चों को मोटिवेट करने के लिए एक ऐसे व्यक्ति की जरूरत पड़ रही है जिस पर कुछ दिन पहले एक होटल से लड़की को किडनैप करने की कोशिश और धोखाधडी जैसी धाराओंं के तहत मामला दर्ज है। बाद में उसको ढूंढ़कर गिरफ्तार भी कर लिया गया था। ये हैं अरविंद मिश्रा, जो फर्जी कर्नल बनकर घूमते रहते हैं। बाद में अरविंद मिश्रा के पिता ने उसकी बेल करवा दी थी।
अरविंद को सेक्टर 36 थाने में बुलाने की पुलिस तैयारी कर रही है। उनको इस प्रोग्राम में बुलाने के लिए एसएचओ सेक्टर-36 ने बाकायदा एमसीएम कॉलेज, सेक्टर-42 कॉमर्स कॉलेज और सेक्टर-42 के पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज से बात कर रखी है। इसी महीने में यह फंक्शन आयोजित करने की तैयारी है।
क्याकिया था फर्जी कर्नल ने कुछ दिन पहले: कुछदिन पहले अरविंद मिश्रा फर्जी कर्नल बनकर शहर के एक होटल में घुस गए थे। उसने होटल के स्टाफ को कर्नल बताया। उसके वेशभूषा देखकर होटल के इम्प्लॉयी भी मान गए। उसने होटल के एक कमरे से एक लड़की को अपने साथ ले जाने की कोशिश की और होटल इम्प्लॉयी को कहा कि इस लड़की की कई दिनों से तलाश चल रही थी। इस पर होटल स्टाफ को शक हुआ और उन्होंने पुलिस को बुला लिया। लेकिन इसी बीच फर्जी कर्नल वहां से फरार हो गया। राम दयाल, एसएचओ सेक्टर-36 थाना का कहना है कि मैं प्लाॅन कर रहा हूं ताकि अरविंद के जीवन से कुछ बच्चे सीख ले सकें। इसके लिए कुछ कॉलेजों से बात की गई है। इन कॉलेजों के बच्चे आएंगे, आरोपी से उनकी बात कराई जाएगी। इसके बाद उन्हें बताया जाएगा कि सपने पूरे होने पर क्या होता है।
पुलिस क्या भूल गई|लगता हैशहर की पुलिस ये भूल गई कि कर्नल बनने तक की कहानी तो सही है पर लड़की को एक होटल से किडनैप करने की कोशिश कहां तक सही है। गर्ल स्टूडेंट्स उस व्यक्ति से क्या सीखेंगी जो उनके जैसी ही किसी लड़की को कुछ दिन अपने साथ ले जाने की कोशिश करने लगा था और गिरफ्तार हो गया था।
क्या है पुलिस की थ्योरी |पुलिसका कहना है कि फर्जी कर्नल ने पुलिस को बताया कि वह वह बचपन से ही फौज का एक बड़ा अधिकारी बनना चाहता था। उसने दो बार आर्मी टेस्ट भी दिया पर सफल नहीं हो सका। जबकि उसके साथ पढ़ने वाले आर्मी में ही अच्छे रैंक पर फौज में भर्ती भी हो गए। इसके बाद उसने एक कंपनी में अस्सिटेंट मैनेजर की पोस्ट पर काम किया। इस बीच उसके मन में कर्नल बनने की आई। इसके बाद से उसने इसके लिए फौज की वर्दी सामान खरीदा अब पुलिस को लगता है कि शहर के लड़के और लड़कियां इस कथित कर्नल से सीख सकते हैं कि अगर कोई सपना पूरा हो तो क्या हो सकता है।