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रेस्टोरेंट सर्विस टैक्स ले सकते हैं चार्ज नहीं

7 वर्ष पहले
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डिस्ट्रिक्टकंज्यूमर फाेरम ने एक अहम फैसले में शहर के श्रीर|म रेस्टोरेंट द्वारा जारी किए गए बिल में सर्विस चार्ज लिए जाने को गलत ठहराते उन पर भारी हर्जाना और जुर्माना किया है। मोहाली के अमनदीप सिंह ने अपनी शिकायत में कहा कि वह श्रीर|म रेस्टोरेंट में खाना खाने गए थे जहां पर उन्हें बिल में गैर कानूनी तौर लगाए चार्जेज लगाए गए। यह चार्जेज उन्हें सर्विस चार्ज के तौर पर लगाए गए थे जबकि चंडीगढ़ के एक्साइज डिपार्टमेंट ने एक सरकूलर जारी कर यह साफ कर दिया था कि कोई भी रेस्टोरेंट सर्विस चार्ज के नाम से कोई भी पैसा वसूलने का हकदार नहीं है। वह केवल सरकारी तौर पर लगाया सर्विस टैक्स कस्टमर से ले सकते हैं। रेस्टोरेंट मालिक ने अपने जवाब में सर्विस चार्ज को सही ठहराते हुए कहा कि यह चार्जेज टिप के तौर पर लिए जाते हैं कि रेस्टोरेंट अपने पास नहीं रखता वेटरों में बांट देता है। रेस्टोरेंट ने कहा कि ऐसा करने में कोई कानून का उल्लंघन नहीं बनता है क्योंकि कंज्यूमर को वेटर सर्विस देता है। फोरम ने अपने आदेशों में पाया कि रेस्टोरेंट आयटमों की कीमत मेन्यु में लिखता है उसमें हर तरह का खर्च को डालकर ही वह मूल्य लिखा जाता है।

कंज्यूमर मामलों के जानकार एडवोकेट पंकज चांदगोठिया के मुताबिक लोग अक्सर सर्विस चार्ज और सर्विस टैक्स में अक्सर धोखा खा जाते हैं। उनके समझने में सर्विस चार्ज भी सरकार द्वारा लगाया गया कोई टैक्स होगा, क्योंकि यह चार्ज भी टैक्स की तरह ही लिए गए सामान के ऊपर लगाया जाता है। लोग सिर्फ आइटम और उनके मूल्य को चेक कर लेते हैं और टोटल के बाद लगाए सभी चीजों सरकारी मानकर अदा कर देते हैं। मगर हाल ही में एक्साइज डिपार्टमेंट ने एक सर्कुलर द्वारा सर्विस चार्ज को सर्विस टैक्स से अलग करार और अवैध करार दिया है। सरकार जो भी चार्जेज लगाती है उसे टैक्स कहा जाता है। जो प्राईवेट फर्म या रेस्टोरेंट द्वारा कोई चार्ज लिया जाता है तो उसे टैक्स के दायरे में नहीं लाया जा सकता है। क्योंकि यह चार्ज वह स्वयं अपने पास रखता है