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नगर निगम ने कोर्ट में कहा-डॉग स्टर्लाइजेशन के लिए मांगे हैं टेंडर

7 वर्ष पहले
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चंडीगढ़|शहर मेंस्ट्रे डॉग्स की संख्या को काबू में करने के लिए चंडीगढ़ नगर निगम स्टर्लाइजेशन शुरू करेगा। इस काम के लिए किसी एजेंसी की सेवाएं लेने के लिए निगम ने टेंडर मांगे हैं। इस बात की जानकारी शुक्रवार को चंडीगढ़ नगर निगम के कमिश्नर विवेक प्रताप सिंह ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट को दी। जस्टिस राजन गुप्ता ने 23 दिसंबर के लिए सुनवाई तय करते हुए मामले पर स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। इससे पहले हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन नगर निगम को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि पैरवी के लिए दोनों की तरफ से कोई हाजिर नहीं हुआ। यह केस के प्रति गंभीरता को दर्शाता है। जस्टिस राजन गुप्ता ने इस लापरवाह रवैये पर नगर निगम के कमिश्नर को कोर्ट में तलब किया था। इससे पहले हाईकोर्ट ने पूछा था कि वैक्सीनेशन दिए जाने के बाद स्ट्रे डॉग्स की पहचान कैसे की जाती है। क्या कोई टोकन या कॉलर आइडेंटिफिकेशन की जाती है या नहीं। इस पर निगम ने समय मांगा था।

नगर निगम पार्षदों और अधिकारियों के नासिक टूर से शहर को स्ट्रे डॉग्स से बचाने के सुझावों पर निगम की तरफ से जवाब दायर कर कहा गया था कि स्ट्रे डॉग्स की बड़े स्तर पर नसबंदी के लिए स्वयं सेवी संस्थाओं का सहयोग लेने का फैसला लिया गया है। इसके लिए बिड मांगी गई थी जो 3 नवंबर को खोल ली गई हैं। सफल रहने वाले बिडर को रोजाना 16 से 20 स्ट्रे डॉग्स की नसबंदी करनी होगी। हर महीने लगभग 450 स्ट्रे डॉग्स की नसबंदी की जाएगी। नगर निगम की तरफ से कहा गया कि इसके साथ ही स्ट्रे डॉग्स पकड़ने के लिए 2 नई गाड़ियां खरीदने का फैसला लिया गया है। नगर निगम के मेडिकल ऑफिसर डा. पी.एस. भट्टी ने जवाब दायर कर कहा कि रैबीज के मामलों से निपटने के लिए एंटी रैबीज स्टॉक तैयार किया है।