मुख्यमंत्री ने उठाया जल विवाद का मामला
प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की सोमवार को पहली बैठक हुई। इसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने जल विवाद का मामला उठाया। कहा- पानी की बढ़ती दिल्ली की मांग को पूरा करना केवल हरियाणा का दायित्व नहीं समझा जाना चाहिए, बल्कि दूसरे राज्यों को भी जरूरत पूरी करनी चाहिए।’
उन्होंने सुझाव दिया कि सभी अंतरराज्यीय नदियों को राष्ट्रीय संपदा मानते हुए राज्यों के बीच झगड़े खत्म किए जाने चाहिए। उन्होंने दाेहराया कि हरियाणा सरकार “पंजाब समझौते निरस्तीकरण अधिनियम-2004’ को चुनौती देने के लिए जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर करेगी। इसके अलावा सीएम ने एनसीआर काे राष्ट्रीय प्राथमिकता वाला क्षेत्र घोषित किए जाने की मांग रखी। कहा-ऐसे क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूत के लिए केंद्रीय बजट में सालाना वित्तीय मदद के लिए विशेष नीति बनाई जाए। तेजी से हो रहे शहरीकरण वाले क्षेत्रों की सड़क, मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम, आवास, बिजली, जलापूर्ति की मांग बढ़ रही है। इन जरूरतों को एनसीआर में आने वाले राज्य खुद पूरा नहीं कर सकते हैं।
स्वच्छता अभियान के लिए बनेगा अलग निदेशालय
चंडीगढ़| शहरीक्षेत्रों में स्वच्छता कार्यक्रम को नियमित रूप से चलाने के लिए हरियाणा सरकार ने अलग से मिशन डायरेक्टोरेट बनाने का फैसला किया है। सीएम मनोहर लाल खट्टर ने इसकी मंजूरी भी दे दी है। इसका उद्देश्य वर्ष 2019 तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन स्वच्छ भारत मिशन को पूरी तरह लागू करना है। सीएम ने बताया कि हरियाणा स्लम क्लीयरेंस बोर्ड स्वच्छ भारत मिशन प्रबंधन के लिए नोडल एजेंसी होगी। स्वच्छ भारत मिशन के तहत परियोजना प्रबंधन इकाई भी स्थापित की जाएगी।
इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय हाईपावर कमेटी भी बनाई जाएगी।
नई दिल्ली. पीएमनरेंद्र मोदी के साथ चर्चा करते सीएम खट्टर, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फणनवीस और मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज चौहान।