हेल्थ रिपोर्टर | चंडीगढ़
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लंबीजद्दोजहदके बाद गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच-32) को कैथ लैब तो मिल गई लेकिन अभी इस लैब के शुरू होने के लिए मरीजों को इंतजार करना पड़ेगा। जीएमसीएच में नई कैथ लैब में ये देरी बिल्डिंग का निर्माण समय पर पूरा होने की वजह से हो रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कैथ लैब मंजूर करने के साथ ही कार्डियोलॉजी का एमडी कोर्स शुरू करने की भी मंजूरी दी है। इस बिल्डिंग के अप्रैल तक पूरा होने की संभावना थी। लेकिन अब जून से पहले ये बिल्डिंग तैयार नहीं हो पाएगी।
यहां पर कैथ लैब चलाने के लिए 19 डॉक्टरों के अलावा 47 दूसरे स्टाफ की मंजूरी मिल चुकी है। पीजीआई के कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के डॉ. एस रेड्डी को भी पीजीआई से यहां आकर डिपार्टमेंट चलाने की मंजूरी मिल चुकी है। जीएमसीएच में हार्ट पेशेंट्स को इलाज मिलने पर पीजीआई में इंतजार नहीं करना पड़ेगा। बता दें कि बाहर से मरीजों काे रेफर करके चंडीगढ़ भेजा जाता है, लेकिन मरीजों के प्रेशर की वजह से चेकअप और फिर आगे के प्रोसेस में समय लगता है। अभी ये पूरा काम पीजीआई के जिम्मे है। जीएमसीएच में ब्लॉक में देरी की वजह से ये कैथ लैब भी देरी से शुरू हो पाएगी। दो साल के प्रोसेस के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पिछले साल अक्टूबर में ये लैब मंजूर की थी। कैथ लैब की खरीद का प्रोसेस भी शुरू हो गया। लेकिन नई बिल्डिंग बनने में देरी से ये इलाज मिलने में देरी होगी।