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भाजपा सरकार ने स्टाफ सलेक्शन कमीशन की भर्ती प्रक्रिया रोकी, 3000 पदों पर रुकेंगी भर्तियां
जॉबकी तलाश में घूम रहे हरियाणा के बेरोजगार युवाओं को सरकार ने एक और झटका दिया है। स्टाफ सलेक्शन कमीशन के माध्यम से चल रही भर्ती प्रक्रिया रोक दी गई है। उन सभी बोर्ड, कॉरपोरेशन और विभागों को अपने प्रस्ताव वापस लेने के निर्देश दिए गए हैं जिन्होंने विभिन्न श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए स्टाफ सलेक्शन बोर्ड को प्रपोजल भेज रखे थे।
चीफ सेक्रेटरी डी.एस. ढेसी की ओर से इस संबंध में मंगलवार को ही सभी विभागों, डिवीजनल कमिश्नरों, बोर्ड, कार्पोरेशनों और विभागों को एक परिपत्र जारी किया गया है। इसमें हालांकि प्रपोजल विड्रॉ करवाने का कारण भर्ती प्रक्रिया को ज्यादा ट्रांसपेरेंट बनाने और सरकारी नौकरियों में एंट्री लेवल की अधिकतम आयु सीमा के बारे में पुनर्विचार करना बताया है। इधर, एसएससी के सूत्रों के अनुसार 1080 भर्तियों के लिए आवेदन आए हुए हैं। इनके लिए तो परीक्षा ली गई है और ही इंटरव्यू हुए हैं। जबकि 200 पदों के इंटरव्यू हुए भी चार साल हो गए। लेकिन परिणाम घोषित नहीं हुआ है।
हिसार यूनिवर्सिटी में कमेटी से हुई नंबरों की टोटलिंग में गलती, नौकरी किसी और को मिली
भास्कर न्यूज | चंडीगढ़
सलेक्शनकमेटी इंटरव्यू के बाद अभ्यर्थियों के नंबरों की टोटलिंग भी ठीक नहीं कर पाई। इसी टोटलिंग के आधार पर हिसार की गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी ने मैरिट में पहले नंबर पर रहे डॉ. अजय शंकर को नौकरी से वंचित कर दिया। बल्कि दूसरे नंबर पर रहे डॉ. राजेंद्र सिंह कुंडू का असिस्टेंट प्रोफेसर (फिजिक्स) के पद पर सलेक्शन कर दिया।
यूनिवर्सिटीको दिया लीगल नोटिस
अबडॉ. अजय शंकर ने हिसार की जीजेयू यूनिवर्सिटी को लीगल नोटिस देकर इस गलती को ठीक करके असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर उसका सलेक्शन करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि अगर यूनिवर्सिटी ने उन्हें उनका हक नहीं दिया तो वे हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। इससे पहले भी इस मामले को लेकर वे 15 दिसंबर, 2014 को वाइस चांसलर को रिप्रेजेंटेशन दे चुके हैं।
जल्दीही देंगे जवाब
इधर,हिसार की गुरू जंभेश्वर यूनिवर्सिटी के कार्यवाहक रजिस्ट्रार प्रोफेसर एम.एस. तुरान का कहना है कि उन्हें डॉ. अजय शंकर का लीगल नोटिस मिल गया है। हम उसका रिप्लाई तैयार करवा रहे हैं। पूरे फैक्ट्स के साथ लीगल नोटिस का जवाब देंगे।
सरकारी प्रवक्ता का कहना है कि स्टाफ सलेक्शन कमीशन से विभिन्न पदों की भर्ती के प्रपोजल विड्राल करने की तकनीकी जरूरत है। इन पदों के लिए जब भी दोबारा वेकेंसीज निकाली जाएंगी तो उन युवाओं को दोबारा आवेदन नहीं करना पड़ेगा जो पहले आवेदन कर चुके हैं। इसके साथ ही एंट्री लेवल पर अपर एज लिमिट घटाने की बात भी सही नहीं है।
एसएससी की अटक सकती हैं ये भर्तियां
विभागसीटें
ड्राइवर(भारी वाहन) 1175
जूनियरकोच (खेल) 180
सबइंस्पेक्टर 188
ऑडिटर28
ड्राफ्ट्समैन76
विधिसहायक 21
औद्योगिकविस्तार 28
अधिकारी
कंप्यूटर तकनीशियन 21
फील्डइंस्पेक्टर 46
प्रदेश की भाजपा सरकार ने पिछली हुड्डा सरकार के एक और फैसले को पलटने की तैयारी कर ली है। हुड्डा सरकार ने विधानसभा चुनाव के कुछ दिन पहले ही सरकारी नौकरियों में एंट्री लेवल पर अपर एज लिमिट 40 से बढ़ाकर 42 साल कर दी थी। चीफ सेक्रेटरी डी.एस. ढेसी की ओर से जारी परिपत्र में भर्ती प्रक्रिया रोकने की एक वजह एंट्री लेवल पर एज लिमिट बढ़ाया जाना भी बताया है। इससे पहले भी हुड्डा सरकार के कई फैसलों को पलटा जा चुका है। उल्लेखनीय है कि खट्टर सरकार ने हाल ही अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के लिए एंट्री लेवल की अपर एज लिमिट को 42 से बढ़ाकर 47 साल कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि मौजूदा सरकार ने सत्ता संभालते ही सरकारी कर्मचारियों की रिटायरमेंट एज बढ़ाकर 60 साल करने का हुड्डा सरकार की कैबिनेट का फैसले को लागू नहीं किया था। इससे नवंबर में ही करीब 5000 कर्मचारियों को 58 साल में ही रिटायर कर दिया गया। जबकि ये कर्मचारी रिटायरमेंट एज 60 साल लागू होने की संभावना को देखते हुए 2-3 महीने की नौकरी भी कर चुके थे। इसके बाद दो महीने में करीब 3000 कर्मचारी रुटीन में ही रिटायर हो चुके हैं और 1500 कर्मचारी इस महीने रिटायर हो जाएंगे।