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चार सिजेरियन के बाद भी हुई सफल सर्जरी

6 वर्ष पहले
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आमतौरपर तीन दफा से ज्यादा सिजेरियन होने पर महिला की तो डिलीवरी सिजेरियन से संभव है और ही सिजेरियन के बाद यूटरस जैसे कई दूसरे कैंसर को सिजेरियन के जरिए निकाला जा सकता है। लेकिन मैक्स सुपर स्पैशिएलिटी हॉस्पिटल (एमएसएसएच) मोहाली के डॉक्टरों ने मोहाली की 47 साल राजिंदर गौड़ की ऐसे ही जटिल सर्जरी करने का दावा किया है।

डॉ. केएस ढिल्लों और डॉ. दिव्या अवस्थी ने कहा कि चार बार सिजेरियन करवा चुकीं राजिंदर का इस रीजन में पहली बार लेप्रोस्कोपिक सर्जरी से यूटरस कैंसर दूर किया गया है। कईकारणों से बहुत गंभीर थी सर्जरी: डॉ.ढिल्लों बताते हैं कि राजिंदर गौड़ के यूटरस का कैंसर हिस्ट्रैक्टोमी घातक हो चुका था। इससे यूटरस को निकाला जरूरी था। लेकिन लगातार हुए चार सिजेरियन की वजह से यूरिनरी ब्लेडर, इंटेस्टाइन राजिंदर गौड़ के यूटरस और ओवेरीज के साथ पूरी तरह गुंथे हुए थे। इस सूरत में मरीज की सर्जरी में इंटेस्टाइन और यूरिनरी ब्लैडर में कट लगने से ज्यादा ब्लीडिंग होने पर महिला की जान का रिस्क था।

पेशेंट के साथ मैक्स हॉस्पिटल के डॉक्टर्स।

डॉ. ढिल्लों बोले कि हमने एडवांस लेप्रोस्कोपिक सर्जरी से ही यूटरस काे रिमूव करने का फैसला किया। पांच-पांच सेंटीमीटर के तीन होल किए गए। इसके बाद यूटरस को रिमूव किया। फिर दोनों ओवरी, सूजी हुई दोनों फैलोपियन ट्यूटस भी निकाले। डेढ़ घंटे की इस सर्जरी के बाद अगले ही रोज महिला को डिस्चार्ज भी कर दिया। कुछ दिनों बाद इंफेक्शन या इंटरनल ब्लीडिंग के लिए टेस्ट की रिपोर्ट भी नेगेटिव आई।मैक्स के के वाइस प्रेजिडेंट संदीप डोगरा ने कहा कि डॉक्टरों ने रीजन में पहली बार चार सिजेरियन करवा चुकी महिला की सफल सर्जरी की है।