फ्लैट में देरी, हाउस फेड जवाब दे: कमीशन
हाउसफेड ने समय पर फ्लैट ने देने के मामले में नेशनल कमीशन नई दिल्ली ने हाउस फेड से जवाब मांगा है। इससे पहले स्टेट कंज्यूमर डिस्प्यूट रेड्रेसल कमीशन चंडीगढ़ ने हाउस फेड के खिलाफ शिकायत को खारिज कर दिया था। कमीशन के इस आदेश को हाउस फेड के अलॉटीज ने नेशनल कमीशन में चुनौती दी थी। नेशनल कमीशन ने अपील को सुनवाई के लिए मंजूर करते हुए हाउस फेड और गमाडा को 24 जुलाई के लिए नोटिस जारी करते हुए अपना जवाब दायर करने को कहा है। गौरतलब है कि इन फ्लैट्स के कई आवेदकों ने स्टेट कमीशन चंडीगढ़ और डिस्ट्रिक्ट फोरम मोहाली में शिकायत करते हुए फ्लैट्स देने में 10 साल की देरी पर मुआवजे की मांग की थी। हालांकि डिस्ट्रिक्ट फोरम मोहाली में मामले अभी भी विचाराधीन हैं। लेकिन स्टेट कमीशन चंडीगढ़ ने ऐसे कुछ मामले खारिज करते हुए हाउस फेड की यह दलील मान ली थी कि फ्लैट बनने में देरी हाईकोर्ट द्वारा दी गई स्टे के कारण हुई थी, इसलिए उन्हें सेवा में कोताही का दोषी नहीं माना जा सकता है।
2004 मंे मांगे थे कंपनी ने आवेदन
याचिकाकर्ताओंके वकील पंकज चांदगोठिया ने दलील दी कि स्टेट कमीशन चंडीगढ़ ने हाईकोर्ट द्वारा स्टे की दलील को गलत तरीके से मान लिया था। तो ऐसा स्टे ऑर्डर कोर्ट के समक्ष रखा गया और ही ऐसी कोई याचिका का हवाला दिया गया। अगर मान लिया जाए हाईकोर्ट से स्टे मिला था तो वह स्टे तो 2014 में भी लागू था। हाउस फेड ने अब फ्लैट कैसे बना लिए। हाउस फेड अब फ्लैट बना सकता था तो यह काम पहले भी कर सकता था। जनवरी 2004 में हाउस फेड ने करीबन 600 फ्लैट के लिए आवेदन मंगवाए थे।