पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • वकीलों ने जस्टिस रेखा मित्तल की कोर्ट का किया बहिष्कार

वकीलों ने जस्टिस रेखा मित्तल की कोर्ट का किया बहिष्कार

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पंजाबएंडहरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने शुक्रवार को जस्टिस रेखा मित्तल की कोर्ट का बहिष्कार करने का फैसला लिया। फैसले के बाद जस्टिस मित्तल की कोर्ट रूम का दो घंटे तक घेराव किया गया। इस दौरान उनकी कोर्ट में कोई वकील पेश नहीं हुआ।

वकीलों की तरफ से कहा गया कि उन्हें सिंगल जज के तौर पर काम नहीं करने दिया जाएगा। ऐसे में वे जूनियर जज के तौर पर किसी वरिष्ठ जज के साथ डिवीजन बेंच में काम करें। बार की इस मांग पर कार्यवाहक चीफ जस्टिस एसजे वजीफदार ने हाईकोर्ट के पूरे रोस्टर में बदलाव कर दिया। नए रोस्टर में सोमवार से जस्टिस रेखा मित्तल को खंडपीठ में वरिष्ठ जज एके मित्तल के साथ बैठाने का फैसला लिया गया है।

लगभग 500 वकीलों की तरफ से प्रस्ताव पारित कर शुक्रवार को बार एसोसिएशन के जनरल हाउस की बैठक बुलाने की मांग की गई थी। बार सदस्यों ने मांग की कि जस्टिस रेखा मित्तल वह फैसला वापस लें जिसमें वकील को अपने मुवक्किल को गलत राय देेने की बात कही गई है।

यह था मामला

18फरवरी को एक फैसले में जस्टिस मित्तल ने कहा था कि वकील ने अपने मुवक्किल को केस दायर करने की गलत सलाह क्यों दी। वह तब जबकि केस का कोई आधार नहीं बनता। वकील ने इस पर मुवक्किल को फीस रिफंड करने का आश्वासन दिया और मामले की अगली तारीख पर कोर्ट में पेश होने की बात कही थी। सारे मामले की जानकारी होने के बावजूद वकील के कोर्ट में पेश होने पर उक्त टिप्पणी के साथ केस खारिज किया जा रहा है। वकील ने दावा किया कि कोर्ट ने एक्सपार्टी (एक तरफा) फैसला दिया है। फैसले को लेकर जस्टिस मित्तल के रवैये का विरोध किया गया और बार एसोसिएशन ने इस मामले में बैठक बुलाई थी।