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4 लाख की कराई थी एफडीआई, वापस लेने के लिए भटक रहे सीिनयर सिटीजन

7 वर्ष पहले
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सीनियरसिटीजन यशपाल डोगरा ने एसबीआई स्टाफ एसोसिएशन को-ऑपरेटिव सोसायटी चंडीगढ़ में 4 साल पहले 4 लाख की एफडीआई करवाई थी। शर्त के मुताबिक आप किसी भी वक्त एक महीने के नोटिस पर अपनी रकम वापस ले सकते हैं। डोगरा पैसों के लिए डीसी के पास करीब 12 बार जा चुके हैं। 10 बार को-ऑपरेटिव सोसायटी के दफ्तर में जा चुके हैं। सोसायटी सेक्रेटरी के पास भी जा चुके हैं। यहां तक कि वे प्रशासक के दरबार में भी गुहार लगा चुके हैं। पाटिल ने डीसी से जवाब मांगा तो उन्होंने कहा कि वहां दो प्रधानों का झगड़ा है,लेिकन वे सैटल करवा देंगे। इस बात को सात महीने हाे गए हैं। इधर डोगरा का कहना है कि पैसे नहीं मिले तो मैं सुसाइड कर लूंगा। बैंकों से मुझे करीब 20 नोटिस चुके हैं। उनका कहना है कि मेरे सामने अब किश्त अदा करने का भी संकट खड़ा हुआ है। मैं यह कैसे कर पाऊंगा। कहीं से कोई न्याय की उम्मीद नहीं है।

यशपाल डोगरा

^ सोसायटी का झगड़ा डीसी और आरसीएस के पास है। एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त किया गया है। सारा रिकाॅर्ड उनके पास है पैसा अब उनकी ओर से ही रिलीज किया जाएगा। इस मामले क्या हो सकता है वे ही तय करेंगे। -वरिंदर ठाकुर, पूर्वप्रधान एसबीआई स्टाफ एसोसिएशन कॉरपोरेशन यूटी चंडीगढ

^सोसायटी को यह मामला मेरे नोटिस में है। सीनियर सिटीजन यशपाल डोगरा की रकम वापस दिलवाने के लिए सोसायटी से कहा गया है। जल्द ही उनकी एफडीआई की रकम वापस लौटा दी जाएगी। उन्हें ब्याज सहित पैसा लौटाया जाएगा। उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। -मोहम्मदशाईन, डीसी

एसबीआई स्टाफ एसोसिएशन कोऑपरेटिव सोसायटी लोगों से पैसा लेकर उनकी एफडीआई करती है। इस रकम को वे अपने कर्मचारियों को लोन के रूप में देती हैं। कर्मचारियों को 18 फीसदी ब्याज दर पर लोन देती हैं, जबकि जिनकी एफडीआई होती है उन्हें 14 फीसदी ब्याज अदा करती है। डोगरा को भी बैंक ने हर महीने ब्याज देने को कहा था, लेकिन अब बैंक ब्याज नहीं दी जा रही है।

यशपाल डोगरा नेशनल फर्टिलाइजर नंगल से बतौर इंजीनियर रिटायर्ड हैं। रिटायर्ड होने के बाद उन्हें 13 लाख रुपए मिले थे। चूंकि उनकी जॉब पेंशनेबल नहीं है, इसलिए उन्होंने इस रकम में से 4 लाख की एफडीआई करवाई थी। इस एफडीआई से 5600 रुपए प्रतिमाह ब्याज मिलना था। लेकिन सोसायटी ने एक बार भी उन्हें ब्याज नहीं दिया। वे इस ब्याज से अपने हाउस बिल्डिंग लोन की किश्त चुकाना