एचसीएस अफसर सेतिया के नाम पर ठगे 27 लाख
आरोप झूठे: इंद्रपाल
एडिशनलसेक्रेटरी हेल्थ रहे एचसीएस अफसर एसके सेतिया और पूर्व काेयला मंत्री श्रीप्रकाश जैसवाल के नाम पर 9 लोगों से 27 लाख रुपए ठग लिए गए। आरोप सेक्टर-49 के इंद्रपाल सिंह पर है। उनके शिकार बने लोगों में सेक्टर-16 जनरल अस्पताल में कॉन्ट्रैक्ट पर तैनात तीन महिला कर्मचारी भी हैं। नौकरी पक्की होने के झांसे में आकर सिर्फ इन तीनों महिला कर्मियों, बल्कि उनके जरिए छह अन्य लोगों ने इंद्रपाल सिंह को 27 लाख रुपए दे दिए। करीब एक साल साल बीतने पर भी तो इनकी नौकरी लगी और ही पैसा वापस मिला। अब इन सबने एसएसपी को शिकायत दी है।
जनरल अस्पताल में काॅन्ट्रैक्ट पर वार्ड अटेंडेंट की नौकरी करने वाली सेक्टर-24 की ऊषा ने बताया कि वह डाटा ऑपरेटर अनु कौशिक, नर्सिंग स्टाफ नरिंदर कौर अल्ट्रासाउंड रूम में काम करती हैं। इंद्रपाल नरिंदर का जानकार था, 2013 में उससे मुलाकात हुई। इंद्रपाल ने खुद को कोयला मिनिस्ट्री में ओएसडी बताते हुए कहा था कि वह उनकी नौकरी पक्की करवा देगा। प्रशासन के एडिशनल हेल्थ सेक्रेटरी एसके सेतिया उनके अच्छे जानकार हैं। आरोपी ने उनसे काेयला मंत्री के नाम पर लेटर लिखवाया। अक्टूबर 2010 में वह अनु, नरिंदर और ऊषा को लेकर यूटी सेक्रेटेरिएट पहुंचा। ऊषा के मुताबिक इंद्रपाल ने एसके सेतिया को कहा कि नरिंदर उसकी भतीजी है, तीनों कॉन्ट्रैक्ट पर काम करती हैं, उन्हें पक्का करवा दीजिए। इस पर सेतिया ने कहा था कि केस कंसीडर होगा। सेतिया से मुलाकात में इंद्रपाल ने पैसों की कोई बात नहीं की थी। इस मीटिंग के बाद उन्हें इंद्रपाल पर भरोसा हो गया औश्र उन्होंने उसे रुपए दे दिए।
इंद्रपाल सिंह का कहना है-
झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं मुझ पर, मैंने तो इन लोगों से ब्याज पर पैसे लिए थे और उसके बदले चेक दिए थे। मंत्री को चिट्ठी तो कोई भी भेज सकता है। मैंने तो एक डीडीआर भी इनके खिलाफ दर्ज करवाई है।
मुझे क्या पता था कि इंद्रपाल इस तरह का फ्राॅड करता होगा। वह मेरा जानकार जरूर था, लेकिन नजदीकी नहीं। जैसे मैं शहर में कई लोगों को जानता था, वैसे ही इंद्रपाल को भी। पुलिस को उसे पकड़ना चाहिए। शिकायत में मेरा नाम बेवजह डाला गया है। वह आम लोगों की तरह मुझे मिलने दफ्तर आया होगा, मैं कभी कहीं उसके साथ नहीं गया। मेरी पीठ पीछे वह क्या कर रहा था, मुझे जानकारी नहीं है। -एसके सेतिया, एडिशनलसेक्रेटरी ट