अब कैलाश मानसरोवर जाइए कार से
भारतीययात्री अब कैलाश मानसरोवर की यात्रा कार से भी कर सकेंगे। चीन उनके लिए नया रास्ता खोलने को राजी हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग के बीच हुई शिखर वार्ता में इस पर सहमति बनी। खुद मोदी ने वीरवार को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी।
मोदी ने बताया, ‘कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए सिक्किम के नाथुला दर्रे से नया रास्ता शुरू होगा। यह उत्तराखंड के मौजूदा रास्ते से ज्यादा सुरक्षित होगा।’ इसके अलावा दोनों देशों के बीच मुंबई को चीन के बड़े आर्थिक केंद्र शंघाई की तरह विकसित करने पर भी सहमति बनी। दोनों देशों के बीच ऐसे ही कुल 12 समझौताें पर दस्तखत हुए। जिनपिंग ने इस मौके पर कहा, ‘भारत और चीन दुनिया की आर्थिक शक्तियां हैं। जब दोनों देश बोलते हैं तो दुनिया सुनती है।’
दिल्ली की एक स्टूडेंट को अपने ही पोट्रेट पर ऑटोग्राफ देतीं चीन की फर्स्ट लेटी पेंग।
दिल्ली-चंडीगढ़ ट्रैक पर भी मिलेगी चीनी मदद
रेलमंत्रालय को नई दिल्ली-चंडीगढ़ मार्ग को भी हाईस्पीड ट्रेन लायक बनाने में चीन से मदद मिल सकती है। भारत-चीन के बीच रेल विकास का करार होने से पहले ही हाईस्पीड और बुलेट ट्रेन पर काम शुरू हो चुका है। बुधवार को नौ सदस्यीय चीनी दल ने आगरा-दिल्ली रेलवे ट्रैक को परखा।
{वडोदरा के पास इंडस्ट्री पार्क पुणे के पास ऑटोमोबाइल कारखाना बनेगा।
{पांच साल के लिए भारत-चीन के बीच आर्थिक समझौता। कुल 1,200 अरब का निवेश आएगा। {दवा निर्माण पर करार। एक-दूसरे के लिए खुलेंगे दवा बाजार। {हाईस्पीड ट्रेनें चलाने में चीन मदद करेगा। स्टेशनों का कायाकल्प भी होगा। {सांस्कृतिक आदान-प्रदान होगा। भारत 1500-चीन 500 शिक्षक भेजेगा। {भारत-बांग्लादेश-म्यांमार-चीन के बीच बिजनेस कॉरिडोर बनेगा। {दोनों देश कस्टम नियमों को आसान बनाएंगे। {अंतरिक्ष क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ेगा। अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण इस्तेमाल पर भी सहमति। {ऑडियो विजुअल मीडिया क्षेत्र के विकास में मदद मिलेगी। { दिल्ली पुस्तक मेला 2016 में भी चीन शामिल होगा। चीन 2015 में ‘भारत यात्रा वर्ष’ मनाएगा।
ये हैं अन्य 10 समझौते