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विधायकांे के अधिकारांे का हुआ उल्लंघन: नागरा
विधायक की गरिमा का सम्मान करें बादल: परनीत
एमएलए ने फिजूल ही इस मामले को पॉलिटिकल इश्यू बनाया। एमएलए-एसडीएम कन्ट्रोवर्सी अनफॉरच्युनेट है। प्रोटोकॉल का पालन सभी अधिकारियों को करना चाहिए, ये उनकी ड्यूटी बनती है। जनप्रतिनिधि को भी शिष्टाचार का पालन करना चाहिए।
-प्रेमसिंहचंदूमाजरा, सांसद, जनरल सेक्रेटरी शिअद।
मैं इस बारे में कुछ भी कहने में असमर्थ हूं। पब्लिक सर्वेंट होने के नाते कानून और सिस्टम में रह कर बात रखूंगी। भले ही इस खामोशी के कारण मुझे गलत ढंग से प्रचारित किया जाए, मैं अपने दायरे से बाहर नहीं जा सकती।
-पूजास्याल ग्रेवाल, एसडीएम।
कुलजीत नागरा
चंडीगढ़/फतेहगढ़ साहिब| फतेहगढ़साहिब की एसडीएम-एमएलए कन्ट्रोवर्सी ने सत्ता पक्ष और विपक्ष को आमने सामने खड़ा कर दिया है। कांग्रेस जहां अपने एमएलए के साथ खड़ी है वहीं सरकार एसडीएम का साथ दे रही है। एमएलए कुलजीत नागरा जहां इस मामले को संविधान में विधायकों को दिए गए अधिकारों का उल्लंघन मान रहे हैं वहीं एसडीएम पब्लिक सर्वेंट होने के नाते कोई बात नहीं करना चाहती। उधर, स्पीकर चरणजीत सिंह अटवाल भी मामले की जांच पटियाला डिविजन के कमिशनर के हवाले किए जाने पर कुछ नहीं बोल रहे हैं। उन्होंने कहा, सीएम के आदेश पर हो रही जांच पर कुछ नहीं कहना चाहता। बाकी एमएलए कुलजीत नागरा ने प्रिवलेज का नोटिस जरूर दिया है। जिस पर मैंने उन्हें 24 सितंबर को समय दिया है और साथ ही फतेहगढ़ साहिब के डीसी और एसडीएम को बुलाया है। ताकि दोनों पक्षों को सुना जा सके। मंगलवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक चंडीगढ़ में बुलाई गई है। सीएलपी के नेता सुनील जाखड़ एक बजे स्पीकर से भी मिलेंगे। उन्होंने साफ कर दिया है कि पार्टी इस मामले में चुप नहीं बैठेगी।
पटियाला| एमएलएपरनीत कौर और अन्य मौजूदा पूर्व कांग्रेसी एमएलए ने सीएम परकाश सिंह बादल से लोगों के चुने हुए प्रतिनिधि एक एमएलए की गरिमा का सम्मान करने स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल को बनाए रखने को कहा है। एमएलए परनीत कौर, साधु सिंह धर्मसोत, हरदयाल सिंह कंबोल, मदन लाल जलालपुर और निर्मल सिंह शुतराना ने साझा बयान में कहा है कि सीएम को पार्टी की सियासत से ऊपर उठकर इस मामले से निपटना चाहिए। एक कमिश्नर को जांच सौंपकर जो प्रोटोकॉल के मुताबिक एमएलए से जूनियर हैं, बादल ने अच्छे संकेत नहीं दिए। कहा ऐसा करना मनोबल तोड़ने के बराबर