विधायकों के दलबदल मामले पर फैसला सेफ
चंडीगढ़ |विधायकों केदलबदल मामले पर सोमवार को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। जस्टिस के कण्णन ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। इससे पहले हजकां प्रमुख कुलदीप बिश्नोई का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ वकील सत्यपाल जैन ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में कहा कि किसी पार्टी के सदस्यों का दूसरी पार्टी में विलय को पार्टी के विलय का नाम नहीं दिया जा सकता। इसके लिए पार्टी प्रमुख का दूसरी पार्टी में शामिल होना जरूरी है। हरियाणा विधानसभा स्पीकर कुलदीप शर्मा के दलबदल मामले में पांच विधायकों के खिलाफ याचिकाओं को रद्द करने के फैसले को खारिज करने की मांग संबंधी बिश्नोई की याचिका पर सरकार का कहना है कि दलबदल नियमों के मुताबिक हुआ और स्पीकर ने इस संबंध में बिश्नोई की दलीलों को सही ढंग से सुनवाई के बाद खारिज किया है। ऐसे में याचिका खारिज की जाए। हरियाणा विधानसभा स्पीकर के फैसले के बाद हजकां (बीएल) से कांग्रेस में शामिल हुए विधायक धर्मसिंह छौकर,सतपाल सांगवान,राव नरेन्द्र सिंह, जिलेराम शर्मा एवं विनोद भ्याणा कांग्रेस में बने रहे। इनमें सांगवान नरेन्द्र केबीनेट मंत्री रहे जबकि भ्याणा मुख्य संसदीय पद पर रहे हैं।