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संयम नहीं खोया और निशाना लगाती रही: हिना

7 वर्ष पहले
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येमेरा 25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल में पहला इंटरनेशनल मेडल है और मैं काफी समय से इसे हाथ में थाम कर बैठी हूं। मैंने कुछ समय पहले ही इस इवेंट का अभ्यास करना शुरु किया है और इतनी जल्दी मुझे सफलता मिलेगी मैंने ऐसा नहीं सोचा था। अब मैं 10 मीटर एयर पिस्टल के साथ इसे भी पूरा समय दूंगी। ये कहना है भारत की स्टार शूटर हिना सिद्धू का जिन्होंने एशियन गेम्स में देश को एक टीम ब्रॉन्ज दिलाने में अहम भूमिका अदा की।

इंचियाेन से भास्कर के साथ बातचीत में हिना ने कहा की रेंज में काफी शोर था। मेरे साथ खड़ी शूटर के लिए लगातार हूटिंग हो रही थी जिससे मैं काफी डिस्टर्ब रही। लेकिन मैंने अपना संयम नहीं खोया और निशाना लगाती रही। राही और अनीसा ने भी शानदार प्रदर्शन किया और हम देश को एक और मेडल दिलाने में कामयाब रहीं। इस इवेंट की शुरुआत से पहले मैं काफी दबाव में रही थी, मुझे अपने आप को साबित करना था। 10 मीटर इवेंट की शुरुआत खराब होने के बाद उसमें पदक नहीं सका लेकिन इस पदक ने मुझे काफी आत्मविश्वास दिया है। इस मेडल का श्रेय मैं अपने पर्सनल कोच और पति रौनक पंडित को देती हूं। उन्होंने मुझे हर मौके पर समझाया भी और हौंसला भी दिया।

अबवर्ल्ड कप फाइनल्स की चुनौती: हिनाको अब अक्टूबर में होने वाले वर्ल्ड कप फाइनल्स की चुनौती होगी। उन्होंने यहां पर ही गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा था। हिना एक बार फिर से वहां गोल्ड जीतना चाहती हैं। इस पदक के बाद उन्हें आईएसएसएफ कपर मैग्जीन पर भी जगह मिली थी।

पंजाबी शूटर हिना ने जैसे ही इंचियाेन में अपना मेडल पक्का किया वैसे ही पटियाला स्थित उनके घर में जश्न की तैयारी होने लगी। उनके पिता राजबीर सिंह सिद्धू बेटी की सफलता पर काफी खुश थे। उन्होंने कहा की हिना को इस मेडल से जरूर कुछ कॉन्फिडेंस मिलेगा। उसके लिए पिछले 3-4 महीने काफी चुनौती भरे रहे। मामूली अंतर से वो फाइनल में नहीं पहुंच पा रही थी। अब वो एक बार फिर से पुरानी फॉर्म में नजर आएगी। हिना ने के पिता भी नेशनल शूटर रहे हैं और उन्होंने ही हिना शूटिंग के लिए प्रेरित किया था। वे चाहते हैं कि बेटी एक बार फिर से वर्ल्ड कप में पदक जीते।

घर में मना जश्न