पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • कन्वर्जन का रेट बताने में फंसा प्रशासन, 30 सितंबर तक सुप्रीम कोर्ट में देना है जवाब

कन्वर्जन का रेट बताने में फंसा प्रशासन, 30 सितंबर तक सुप्रीम कोर्ट में देना है जवाब

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
प्रशासनसुप्रीम कोर्ट में कन्वर्जन का रेट बताने में फंस गया है। प्रशासन को सुप्रीम कोर्ट में 30 सितंबर तक कन्वर्जन पर अपना जवाब दायर करना है। सुप्रीम कोर्ट ने उद्योगपतियों से बढ़ी हुई कन्वर्जन फीस लेने पर रोक लगाई हुई है। चंडीगढ़ प्रशासन ने उद्योगपतियों से 20 हजार रुपए के बजाय 29713 रुपए प्रति वर्ग गज के हिसाब से कन्वर्जन फीस लेने के आदेश जारी कर दिए थे।

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बढ़ी हुई कन्वर्जन फीस के खिलाफ सुनवाई करते हुए उद्योगपतियों को 29713 रुपए के हिसाब से बैंक गारंटी के रूप में जमा कराने को कहा था। हाईकोर्ट ने कहा था कि यदि फैसला प्रशासन के हक में गया तो यह बैंक गारंटी प्रशासन के खाते में जमा होगी। यदि फैसला उद्योगपतियों के हक में गया तो बैंक गारंटी का पैसा उन्हें वापिस कर दिया जाएगा। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद कन्वर्जन के लिए आवेदन करने वाली कंपनी भूषण पावर एंड स्टील ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। कंपनी की अपील पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ी हुई कन्वर्जन फीस लेने पर रोक लगा दी थी। भूषण स्टील के मामले में बढ़ी कन्वर्जन फीस पर रोक लगने के बाद कन्वर्जन के लिए आवेदन करने वाले शहर के अन्य उद्यमियों ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी थी। इस याचिका पर 30 सितंबर को सुनवाई होनी है। सुप्रीम कोर्ट ने इन याचिकाओं पर भी सुनवाई करते हुए फाइनल फैसला होने तक बढ़ी हुई कन्वर्जन फीस लेने पर रोक लगा दी है।

प्रशासन ने वर्ष 2005 में कन्वर्जन पाॅलिसी लागू की थी। इस पाॅलिसी के अंतर्गत इंडस्ट्रियल प्लाॅट्स का कन्वर्जन रेट 20 हजार रुपए प्रति वर्ग गज रखा गया था। पॉलिसी 18 सितंबर 2007 तक लागू थी। बाद में प्रशासन ने इस पाॅलिसी को छह महीने के लिए 18 मार्च 2008 तक बढ़ा दिया था। लेकिन बाद में फाइनेंस डिपार्टमेंट ने 14 जुलाई 2008 को एक नया आदेश जारी कर दिया था। इस आदेश के अनुसार 18 दिसंबर 2007 के बाद कन्वर्जन के लिए आवेदन करने वालों के लिए 29713 रुपए कनवर्जन फीस फिक्स कर दी थी। प्लॉट ओनर्स इसी का विरोध कर रहे हैं।

प्रशासन कन्वर्जन फीस से करीब एक हजार करोड़ रुपए जुटा चुका है। यह राशि केंद्र के कंसाॅलिडेटेड फंड में जमा कराई जा चुकी है। इंडस्ट्रियल एरिया के 125 उद्योगपतियों ने अपने प्लॉट्स की कन्वर्जन के लिए करोड़ों की कन्वर्जन फीस जमा कराई थी। इनमें से कई उद्यो