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कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन और असिस्टेंट रजिस्ट्रार की नियुक्ति को चुनौती
चंडीगढ़ | बाबाफरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसिज के कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन रविंदर कौर और असिस्टेंट रजिस्ट्रार सतपाल सिंह की नियुक्ति को हाईकोर्ट में चुनौती दे दी गई है। याचिका पर जस्टिस जीएस संधावालिया ने यूनिवर्सिटी को 15 दिसंबर के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। डिप्टी रजिस्ट्रार कंवल पाल सिंह की तरफ से याचिका दायर कर कहा गया कि रविंदर कौर कंट्रोलर की नियुक्ति के लिए तय शैक्षिक योग्यता को पूरा नहीं करती। वे 12 अगस्त 2009 से कांट्रेक्ट पर काम कर रही हैं जबकि बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट रेगुलर नियुक्ति के लिए कह चुका है। याचिका में कहा गया कि उनकी नियुक्ति विज्ञापन देकर आवेदन मांगे बिना ही कर दी गई। दूसरे योग्य उम्मीदवारों के दावों पर कोई विचार नहीं किया गया। ऐसे में बैक डोर से की गई नियुक्तियों को खारिज किया जाए। इसी तरह सतपाल सिंह की नियुक्ति डेपुटेशन पर की गई थी। डेपुटेशन पर काम की अधिकतम समयावधि पांच साल है लेकिन यह अवधि बीत जाने के बाद भी उन्हें इस पद पर जारी रखा गया है।
फटे कपड़े, जूतों की माला पहन अकाली काउंसलर बोला, पार्टी ने पागल बना दिया
निजी काम में सरकारी ईंटें शिकायत पर एक्शन नहीं
काउंसलरमक्खन िसंह चौहान ने बताया, 2 जून 2014 को ईओ को दी शिकायत में बताया था कि वार्ड का एक व्यक्ति निजी काम में सरकारी ईंटें बरत रहा है। पर प्रधान ईओ ने कार्रवाई नहीं की। ईओ वर्मा ने कहा कि छुट्टी के कारण वे घर हैं। मामला ध्यान में है।
भादसों (पटियाला) | फटीबोरियां, फटे कपड़े जूतों की माला पहनकर, भिखारी के रूप में वॉर्ड-8 के अकाली काउंसलर मक्खन सिंह चौहान ने मेन बाजार में ईओ सुनील वर्मा के खिलाफ प्रदर्शन किया। अकाली-भाजपा सरकार के प्रति गुस्सा जाहिर करते हुए काउंसलर ने कहा कि पार्टी ने पागल बना कर रख दिया है। दफ्तर में हमें कोई नहीं पूछता। वाॅर्ड -8 में विकास इसलिए नहीं हो रहा क्योंकि पार्षदों में गुटबाजी है।