पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • स्कूल टाइम में कोचिंग चलाने वालों के खिलाफ दो दिन में एक्शन: डीसी

स्कूल टाइम में कोचिंग चलाने वालों के खिलाफ दो दिन में एक्शन: डीसी

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
एमएचए से ऑर्डर, फ्लूड थिनर पर टोटल बैन

सुबह8 से दोपहर 2 बजे तक बच्चों का स्कूल टाइम होता है लेकिन इस समय भी बच्चे स्कूल छोड़कर प्राइवेट कोचिंग सेंटर्स में जा रहे हैं। ये गलत है और अब प्रशासन ऐसा करते पाए जाने वाले सेंटर्स को सील करेगा। प्रशासन की कार्रवाई अगले दो दिनों में शुरू हो जाएगी। वहीं, शॉप-कम-फ्लैट्स (एससीएफ) में चल रहे सारे कोचिंग सेंटर भी गैरकानूनी हैं, जिनके खिलाफ सोमवार से ही एक्शन शुरू हो गया।

डीसी मोहम्मद शाईन ने अलग-अलग सेक्टरों में एससीएफ में चल रहे कुल 10 कोचिंग सेंटर्स को नोटिस भेजकर उन्हें 7 दिनों में शिफ्ट करने के आदेश जारी किए हैं। नोटिस बिल्डिंग बायलाॅज के तहत वॉयलेशन करने पर दिए गए हैं।

7 दिनों के अंदर कोचिंग शिफ्ट करने के दिए आदेश

जगहों पर थिनर की बॉटलिंग होती है शहर में

प्रशासन की मांग के बाद मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर ने नोटिफिकेशन जारी कर उन्हें केस चलाने की पावर दे दी है।

दो साल पहले एक एनजीओ ने शहर में सर्वे किया तो सामने आया था कि कॉलोनियों के सरकारी स्कूलों के 28 फीसदी स्टूडेंट्स फ्लूड और थिनर सूंघकर नशा करते हैं। इनकी उम्र 10 से 18 साल के बीच थी। सर्वे में बताया गया कि ये नशा आसानी से मार्केट में मिल जाता है। बच्चों को नशा बेचने और बच्चों के नशा सूंघने की तस्वीरें, रिकार्डिंग हाईकोर्ट में पेश की गई थी। हाईकोर्ट ने प्रशासन को इस पर रोक लगाने को कहा था। होम सेक्रेटरी ने एमएचए और हेल्थ मिनिस्ट्री को इस बारे में चिट्टी लिखी थी।

शहर के किसी भी एससीएफ में किसी भी हाल में किसी तरह के कोचिंग सेंटर खुल ही नहीं सकते। दूसरी तरफ एससीओ यानी शाॅप-कम-ऑफिस में भी सिर्फ निचली मंजिल में ही कोचिंग सेंटर खुल सकता है। फायर नियमों के मुताबिक जहां एक सीढ़ी है वहां कोचिंग सेंटर खुलना गलत है।

सूत्रों के मुताबिक प्रशासन एजुकेशन डिपार्टमेंट के साथ मिलकर कोचिंग सेंटर्स के लिए कायदे बना रहा है। इसमें कोचिंग सेंटर के एक बैच में स्टूडेंट्स की संख्या तय की जाएगी। स्कूल टाइम में कोई क्लास नहीं होगी। कोचिंग सेंटर निचले फ्लोर पर ही चल सकेंगे और कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाले बच्चों की लिस्ट प्रशासन और पुलिस को सौंपी जाएगी। स्कूलों को भी आदेश जारी होंगे कि 75 फीसदी से कम अटेंडेंस पर किसी बच्चे को रोल नंबर दिए जाएं।

^स्टूडेंट्स की सुरक्षा और वेलफेयर को देखते हुए यह कदम उठाए हैं। स्कूल टाइम में बच्चों को कोचिंग देने वालों के खिलाफ दो दिन में सख्त कार्रवाई की जाएगी। -मोहम्मद शाईन,डीसी

^यह प्रशासन का एक बढ़िया स्टेप है। इसे सख्ती से लागू करना चाहिए। इससे डमी स्कूल और डमी कोचिंग सेंटर बंद होंगे। जिससे शिक्षा का स्तर सुधरेगा। -कवितादास,प्रिंसिपल सेंट जॉन्स

बैड बॉयज का मामला सामने आने पर पता चला कि ये गैंग ज्यादातर कोचिंग सेंटर्स के बाहर ही सक्रिय था। चूंकि यहां तो कोई टीचर्स का डर होता है और कोई निगरानी। टॉप स्कूल्स के प्रिंसिपल के साथ जब प्रशासन के अफसरों और आईजी आरपी उपाध्याय ने बैठक की, तो कोचिंग सेंटर्स का मसला सभी स्कूलों ने उठाया। प्रिंसिपल्स ने कहा कोचिंग सेंटर्स में एक साथ 100 बच्चों के बैच को कोचिंग दी जाती है। कोचिंग सेंटर स्कूल के समय पर लगते हैं, जिस कारण स्टूडेंट क्लास छोड़कर इन सेंटर्स में जाते हैं। इससे शिक्षा के स्तर पर फर्क पड़ रहा है। कोचिंग सेंटर पैसा कमाने के लिए स्टूडेंट्स के स्कूल टाइम को मिस करवा रहे हैं।

{सेक्टर-8, नरेश कोचिंग सेंटर

{सेक्टर-11, कुलजीत सिंह संधू कोचिंग सेंटर

{सेक्टर-15, बीएम ग्रोवर ज्ञान इंस्टीट्यूट

{सेक्टर-15 आरके एजुकेशन इंस्टीट्यूट

{सेक्टर-24 सुमन बाला स्कॉलर एकेडमी

{सेक्टर-24 स्कॉलर एकेडमी नर्सरी टू बीए

{सेक्टर-24 मिस्टर कुमार मैथेमेटिकल क्लासेस

{सेक्टर-24 प्रोफेसर नावर फिजिक्स क्लास

{सेक्टर-24 करियर मेकर्स फिजिक्स क्लासेस

{सेक्टर-24 डॉक्टर संगीता केमिस्ट्री कोचिंग सेंटर