स्वाइन फ्लू से शहर में हुई दूसरी मौत
चंडीगढ़| सोमवारको शहर में स्वाइन फ्लू से दूसरी मौत हो गई। सोमवार को गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) में एडमिट कैंबवाला के मरीज की मृत्यु हो गई। इस मरीज को शुक्रवार को स्वाइन फ्लू के लक्षणों के बाद एडमिट किया गया था। शनिवार को इस मरीज को स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि हुई थी। अभी तक पीजीआई समेत शहर के दूसरे हॉस्पिटल में स्वाइन फ्लू से सात लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से पांच मरीज दूसरे राज्यों से रेफर होकर इन हॉस्पिटल्स में भेजे गए थे। हालांकि चंडीगढ़ से इस वायरस से अब तक ये दूसरी मौत है। इससे पहले सेक्टर-25 की जनता कॉलोनी की एक महिला की मौत हुई थी। अभी तक शहर में 17 मरीजों में स्वाइन फ्लू होने की भी पुष्टि हो चुकी है।
कम तापमान में ज्यादा प्रभावी| स्वाइनफ्लू का एच1एन1 वायरस भी इनफ्लुएंजा वायरस की तरह सांसों के जरिए शरीर में जाता है। तापमान कम होने, दिन में सूरज निकलने पर ये वायरस ज्यादा प्रभावी होता है।
स्वाइन के लक्षणों वाले मरीजों के चेकअप के लिए जीएमसीएच, पीजीआई, जीएमएसएच में अलग से ओपीडी, आइसोलेशन वार्ड बने हैं।
{लगातार 100 डिग्री से ज्यादा बुखार रहना।
{जुकाम के साथ गले में दर्द और खांसी रहना।
{लगातार नाक बहना।
{गर्मी में रहने के बाद भी ठंड दूर होना।
स्वाइन फ्लू होने के बाद मरीजों को 48 घंटे के अंदर इलाज मिलना बहुत जरूरी है। नहीं तो फेफड़ों के साथ ही हार्ट, लीवर, किडनी पर भी असर करता है।
स्वाइन फ्लू के वायरस वाले हाई रिस्क एरिया के अलावा सुखना लेक के 3 किमी. एरिया में वीरवार से फिर चेकअप का फैसला लिया गया है।