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कल्चरल एक्सचेंज प्रोग्राम नहीं, स्टडी टूर की मंजूरी थी
निगमकेखाते से करीब 27 लाख रुपए खर्च करके पार्षद और अफसर चेन्नई, पोर्ट ब्लेयर और कोलकाता घूम आए। इस टूर को कल्चरल एक्सचेंज प्रोग्राम बताया गया। लेकिन हकीकत में प्रशासन ने स्टडी टूर की परमिशन दी थी।
मेयर हरफूल चंद्र कल्याण ने प्रशासन को अगस्त में लेटर लिखकर चेन्नई, अंडमान निकोबार (पोर्ट ब्लेयर), कोलकाता, मैसूर और बेंगलुरु के स्टडी टूर की परमिशन मांगी थी। होम एवं लोकल बॉडीज सेक्रेटरी की ओर से भी स्टडी टूर की परमिशन दी गई। लेकिन बाद में काउंसलर्स ने मीटिंग करके अपने स्तर पर इसे कल्चरल एक्सचेंज प्रोग्राम बना दिया। अब मेयर हरफूल चंद्र कल्याण का कहना है- स्टडी टूर और कल्चरल एक्सचेंज प्रोग्राम एक ही है। प्रशासन से टूर के नाम पर परमिशन ली गई थी। टूर पैकेज तय करते समय कोई अनियमितता नहीं बरती गई।
(बिनाई-टेंडरिंग फाइनल किया टूर पैकेज... पेज 6 )