दो नॉमिनेट काउंसलर सीएम खट्टर से मिले
कांग्रेसतीनसाल से नॉमिनेटेड काउंसलर के बल पर मेयर की कुर्सी पर काबिज होती रही है। अब नॉमिनेटेड काउंसलर भी केंद्र और हरियाणा में सत्ता परिवर्तन के साथ ही अपना पाला भी बदलने में लग गए हैं। पिछले दिनों दो नॉमिनेटेड काउंसलर हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर के रेजिडेंट्स पर मिलने पहुंच गए। इससे भाजपा केंडिडेट की मेयर चुनाव में स्थिति मजबूत होगी। वहीं, कांग्रेस केंडिडेट के पिछड़ने की संभावना बन गई है।
नगर निगम में इस समय चुने हुए 26 में से 25 काउंसलर हैं और 9 नॉमिनेटेड से यह संख्या 34 है। एक सांसद का वोट है। यानि 35 वोट में से मेयर का चुनाव जीतने के लिए 18 वोट की जरूरत है। भाजपा में तीन कांग्रेसी काउंसलर मिलने से उनकी संख्या 12 हो गई है। इसके अलावा एक सांसद और एक काउंसलर सहयोगी शिरोमणि अकाली दल से है। भाजपा के 14 वोट हैं तो कांग्रेस के पास 9 ही हैं। दोनों पार्टियों की जीत का दारोमदार 9 नॉमिनेटेड, दो बसपा काउंसलर और एक आजाद पर टिका है। इन 12 काउंसलर में से भाजपा को चार मिल गए तो मेयर की कुर्सी पक्की है। इसको देखते हुए भाजपा नेता केंद्र और हरियाणा की भाजपा सरकार का फायदा उठाने में लगे हैं।
नॉमिनेटेड काउंसलर को उनके पारिवारिक सदस्यों को प्रदेश की कमेटियों में शामिल करने का भी लालच दिया जा रहा है। इसी के चलते दो नॉमिनेटेड काउंसलर सीएम हरियाणा से मिलने के लिए जा पहुंचे। इनकी सीएम से भेंट वार्ता पर कयास लगाया जा रहा है कि मेयर चुनाव में भाजपा को और भी नॉमिनेटेड के वोट सकते हैं। इस तरह नॉमिनेटेड का झुकाव भाजपा की ओर से जाने से चौथे साल में कांग्रेस का मेयर सीट वाला गणित डगमगा गया है। वैसे भी पार्टी के तीन काउंसलर पहले ही भाजपा में जा चुके हैं।
दिया जा रहा है लालच
नतीजा 24दिनबाद