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कर्मचारियाें को जो सैलरी दी जा रही है, वही काफी : सीएम खट्‌टर

7 वर्ष पहले
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सरकार नेताओं की नहीं, वर्करो की

मुख्यमंत्री को शिकायत देंगे, अफसरों को नहीं

भास्कर न्यूज | चंडीगढ़सिरसा

पंजाबकेसमान वेतनमान का सपना देख रहे कर्मचारियों अधिकारियों को सीएम मनोहर लाल खट्टर ने जोर का झटका दिया। उन्होंने नसीहत दी कि कर्मचारियों-अधिकारियों को समझना चाहिए कि सरकार की ओर से वेतन के रूप में जो उन्हें मिल रहा है, वह काफी है। भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पहले अपने घोषणा पत्र में कहा था कि उनकी बीजेपी की सरकार आने पर कर्मचारियों को पंजाब के बराबर वेतन दिया जाएगा। लेकिन अब सरकार आते ही इस घोषणा पत्र पर यू टर्न लेते हुए सीएम ने सिरसा में जिला प्रशासन के अधिकारियों की बैठक में साफ कर दिया कि वेतन बढ़ाने का अभी सरकार का कोई इरादा नहीं है। सीएम बनने के बाद पहली बार पहुंचे सिरसा में मनोहर ने जनता को अपनी जिंदगी से जुडी कहानियां सुनाई।

पिछलीसरकार में जो हुआ उसे भूल आगे फोकस करें

खट्टरने कहा कि सरकार बनना लोकतंत्र में एक निरंतर प्रक्रिया है। पिछली सरकारों में अब तक जो हुआ है, उसे छोड़कर हमें आगे क्या करना है, इस पर फोकस करना होगा।

उन्हांेने कहा कि पिछली सरकार में ही कर्मचारियों काे पंजाब के सरकार वेतनमान देने का निर्णय कैबिनेट में किया गया था। भाजपा सरकार ने पिछली सरकार के निर्णयों के रिव्यू की बात कहते हुए उस वक्त के ज्यादातर निर्णय रोक लिए हैं।

अपनी जीवन का किस्सा सुनाने के बाद सीएम ने कहा कि सरकार नेताओं की नहीं है, बल्कि कार्यकर्ताओं की है। कार्यकर्ताओं से व्यक्तिगत संवाद करने की इच्छा रहती है। मगर सीएम बनने के बाद मिलना जुलना नहीं हो पाता। प्रदेश में जाति पाति से उठकर विकास होगा। कहीं भेदभाव नहीं होगा। सीएम ने कहा कि हर विधानसभा क्षेत्र में 11 सदस्यीय कमेटी का गठन होगा।

वर्ष 1965 की बात है, तब मैं गांव के स्कूल में कक्षा पांचवीं में पढ़ता था। छठी में दाखिले के लिए दूसरे गांव के स्कूल में जाना पड़ता था। चौथी कक्षा वालों ने हमें विदाई पार्टी दी। स्कूल के हेडमास्टर ने कहा-आप में से कुछ पंडित जवाहर लाल नेहरू और कुछ लाल बहादुर शास्त्री बन सकते हैं। मैं सबसे आगे बैठा था, मुझे हंसी गई। भाषण खत्म करके मास्टर जी अंदर गए तो स्कूल की बाई मुझे बुलाने आई। मैं समझा गया कि आज परेड होगी। उन्होंने मुझसे पूछा कि हंसे क्यों। मैंने जवाब दिया- आपने बात ही ऐसी कह दी।