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प्रशासन बताए क्यों शुरू नहीं हो रही मंडी: हाईकोर्ट

6 वर्ष पहले
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सेक्टर-39कीन्यू ग्रेन मार्केट के मामले में वीरवार को चंडीगढ़ के होम सेक्रेटरी अनुराग अग्रवाल डीसी मोहम्मद शाईन प्रशासन के अन्य अफसर हाईकोर्ट में पेश हुए। जस्टिस एसके मित्तल एवं जस्टिस दीपक सिब्बल की बैंच ने न्यू ग्रेन मार्केट के निर्माण में हो रही देरी पर इन सभी अफसरों को फटकार लगाई।

बैंच ने प्रशासन से साफ-साफ शब्दों में पूछा कि क्या वजह है कि आप इस काम को पूरा नहीं कर रहे हैं। हाईकोर्ट बार-बार अफसरों को तलब कर उन्हें परेशान करने की मंशा नहीं रखता। हाईकोर्ट तो यही चाहता है कि पेंडिंग काम, जिनसे शहर का डवलपमेंट रुक रहा है, उन्हें जल्द पूरा किया जाए।

इस पर डीसी मोहम्मद शाईन ने बैंच के सामने कहा कि मार्च 2016 तक यह यह ग्रेन मार्केट शुरू कर दी जाएगी। इस पर बेंच ने कहा कि सिर्फ इतने जवाब से काम नहीं चलेगा। प्रशासन ने मंडी की तैयारियों को लेकर क्या खाका तैयार किया है, यह बताया जाए। इसे बेंच के सामने 2 मार्च को रखें।

इससे पहले 5 फरवरी को हाईकोर्ट में डीसी कम स्टेट एग्रीकल्चरल मार्केटिंग बोर्ड के सेक्रेटरी मोहम्मद शाईन ने जवाब दायर कर कहा था कि सेक्टर-39 की सब्जी मंडी को पूरी तरह से शुरू करने में ढाई साल लगेंगे, टेंडर आदि की प्रक्रिया जारी है, इसलिए उन्हें समय दिया जाए। इस पर जस्टिस सतीश कुमार मित्तल ने कहा कि 25 साल से वे सुन रहे हैं कि सब्जी मंडी शुरू हो रही है। सेक्टर-26 के बाद दूसरी ग्रेन मार्केट सेक्टर-39 में शुरू भी हो रही है। लेकिन प्रशासन अब भी समय ही मांग रहा है। हाईकोर्ट ने कहा कि था बार-बार समय मांगना ठीक नहीं है।

बेंच ने कहा की प्रशासन की लापरवाही से ही सेक्टर-26 की मंडी पर बोझ बढ़ता जा रहा है। वहां इतनी भीड़ हो जाती है कि चलना भी मुश्किल हो रहा है। बावजूद इसके प्रशासन कोई भी ठोस कार्यवाही नहीं कर रहा है, जबकि हरियाणा और पंजाब के सभी जिलों में नयी मंडियां बनाई जा चुकी हैं। प्रशासन ने बताया की इस मंडी का ले-आउट प्लान तैयार है। इसके बाद अब प्रशासन ने चीफ आर्किटेक्ट को इस मंडी के पूरे प्रोजेक्ट के कॉन्सेप्ट और उसकी डिटेल ड्राइंग जल्द से जल्द तैयार करने को कह दिया गया है। इसके साथ ही चीफ इंजीनियर से इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत की जानकारी मांग ली गई है। यह भी बताया गया कि प्रशासक के सलाकार की अध्यक्षता में इस मामले को लेकर बैठक की गई थी, जिसमें होम सेक्रेटरी, फाइनेंस सेक्रेटरी, सेक्रेटरी एग्रीकल्चर सहित डीसी भी मौजूद थे। बैठक में इस मंडी को फेज्ड मैनेर में बनाए जाने का फैसला किया गया है। इसे पीछे प्रशासन ने फंड्स की कमी भी एक वजह बताई थी। पहले फेज में इस मंडी का विकास और उसकी साइट्स की नीलामी की जाएगी। दूसरे फेज में अलॉटमेंट और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इसका पूरा खाका तैयार करने में चार सप्ताह समय लग सकता है।