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2022 तक चंडीगढ़ के 6 सेक्टर चमकेंगे सोलर लाइट्स से

6 वर्ष पहले
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योगराज शर्मा | चंडीगढ़ yograj.s@dbcorp.in

2022तब चंडीगढ़ में सोलर सोलर प्लांट्स से 30 मेगावाट बिजली पैदा की जाएगी। इस टारगेट के आदेश एडवाइजर टु एडमिनिस्ट्रेटर विजय कुमार देव ने साइंस एंड टेक्नोलॉजी क्रेस्ट के अफसरों को शुक्रवार को हुई मीटिंग में भी दे दिए हैं। वहीं 30 मेगावॉट बिजली बनने के मायने ये भी हैं कि शहर के करीब 6 सेक्टरों की बिजली की डिमांड इस सोलर एनर्जी से बनाई गई बिजली से पूरी हो जाएगी। साइंस एंड टेक्नोलॉजी और क्रेस्ट के सोलर प्लांट से बिजली बनाने के काम में तेजी और अच्छे रिजल्ट के चलते अब इनका सोलर एनर्जी से बिजली बनाने का टारगेट तीन गुना हो गया है। पहले चंडीगढ़ में 2022 तक सिर्फ 10 मेगावॉट बिजली सोलर प्लांट्स से बनाने का टारगेट था। पिछले करीब ढाई साल में ही साइंस एंड टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट ने 5 मेगावॉट बिजली सोलर प्लांट्स से बनानी शुरू कर दी है। अब अगले साल डिपार्टमेंट को 5 मेगावॉट बिजली सोलर प्लांट्स से बनानी होगी।

एमसीकी जमीन पर 10 मेगावॉट के लगेंगे प्लांट: 30मेगावॉट के टारगेट को पूरा करने के लिए नगर निगम की खाली पड़ी जमीन, जिसमें वाटर वर्कस भी शामिल हैं, पर करीब 10 मेगावॉट के सोलर प्लांट्स लगाए जाएंगे। इसके लिए वाटर वर्कस अन्य खाली जगह का सर्वे भी किया गया है।

^ सोलर एनर्जी को प्रमोट करने के लिए काम किया जा रहा है। नई जगहें तलाशी जा रही हैं जहां प्लांट लगाए जा सकें। -संतोषकुमार, डायरेक्टर साइंस एंड टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट, यूटी चंडीगढ़

साइंस एंड टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर संतोष कुमार ने एक शॉर्ट फिल्म चंडीगढ़ मॉडल सोलर सिटी को लेकर बनाई है। 17 मिनट की इस शॉर्ट मूवी में चंडीगढ़ में सोलर प्लांट्स को लेकर किसी तरह से डेवलपमेंट हुई है और कहां-कहां प्लांट लगे हैं उसके बारे में दिखाया गया है। मिनिस्टरी की तरफ से भी फिल्म को सराहा गया है।

चंडीगढ़ की एवरेज बिजली की डिमांड 250 मेगावॉट प्रतिदिन की है। 30 मेगावॉट बिजली सोलर प्लांट्स से बननी शुरू हो जाएगी तो इसका फायदा ये होगा कि चंडीगढ़ की बिजली की ये एवरेज डिमांड 220 मेगावॉट तक ही रह जाएगी। इससे ओवरलोडिंग और शॉर्टेज के चलते बिजली कट नहीं लगेंगे और 6 सेक्टर सोलर लाइट से चमकेंगे।

{सर्वे किया गया, एमसी की खाली पड़ी जमीन से करीब 10 मेगावॉट बिजली होगी पैदा