पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • एयरपोर्ट पर क्रैश लैंडिंग के बाद जला एएन 32, 11 बचे

एयरपोर्ट पर क्रैश लैंडिंग के बाद जला एएन-32, 11 बचे

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
क्याें खास है एएन-32

डॉक्टरों को एंट्री दी, एएआई की टीम को

एयरफोर्स ने मार्क की इंक्वायरी, खुद करेंगे जांच

दो हादसे जिनमें बचे पहाड़िया और कालिया

इंडियनएयरफोर्सके कार्गो प्लेन एएन-32 में शनिवार रात 8.30 बजे चंडीगढ़ के टेक्निकल एयरपोर्ट पर लैंडिंग के वक्त आग लग गई। इससे प्लेन पूरी तरह जल गया। यह एयरक्राफ्ट बठिंडा से लौट रहा था। प्लेन में पायलट समेत चार क्रू मेंबर और सात पैसेंजर (एयरफोर्स कर्मी) मौजूद थे। दो को मामूली चोट आई है। एयरफोर्स के पीआरओ जी. गेल्वे के मुताबिक एयरक्राफ्ट में टेक्निकल फॉल्ट के कारण आग लगी है।

यह एयरक्राफ्ट नाइट राउंड पर निकला था। बठिंडा के पास पहुंचने पर पायलट को प्लेन में टेक्निकल फॉल्ट का अहसास हुआ। इसके बाद पायलट ने सेफ लैंडिंग के लिए प्लेन चंडीगढ़ टेक्निकल एयरपोर्ट की तरफ मोड़ लिया। एयरपोर्ट पर लैंड करते ही प्लेन में आग लग गई। एयरफोर्स के ही फायर टेंडर्स ने आग बुझाई। चंडीगढ़ से भी फायर टेंडर टेक्निकल एयरपोर्ट पर पहुंचे, लेकिन उन्हें एंट्री नहीं करने दी गई। देर रात तक एयरफोर्स के सीनियर अफसर भी मौके पर मौजूद थे।

इन दिनों एएन-32 का इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर के बाढ़ पीड़ितों को रेस्क्यू करने और राहत सामग्री पहुंचाने में किया जा रहा था। यह प्लेन भी टेक्निकल एयरपोर्ट से श्रीनगर के लिए रिलीफ ऑपरेशन में कई उड़ान भर चुका था। -फोटोपेज 5 पर

लैंड करते ही एयरक्राफ्ट में आग लग गई और प्लेन पूरी तरह जल गया। हालांकि इसमें सवार सभी 11 लोग बच गए।

सूझबूझ दिखाते हुए इंडियन एयरफोर्स के पायलट ने एयरक्राफ्ट को चंडीगढ़ की ओर मोड़ा, ताकि सेफ लैंडिंग हो सके।

एएन-32 एयरक्राफ्ट शनिवार को नाइट राउंड पर था। बठिंडा के पास पायलट को टेक्निकल फॉल्ट का अहसास हुआ।

एयरफोर्स के अफसरों ने पुलिस कोे टेक्निकल एयरपोर्ट के भीतर नहीं जाने दिया। एयरफोर्स ने इस हादसे की इंक्वायरी मार्क कर दी है। एयरफोर्स ने एएसपी परविंदर सिंह को स्पष्ट कर दिया कि हादसे की जांच वह खुद करेगा।

{दोहरे इंजन वाला यह ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट 4500 मीटर ऊंचे इलाकों और 55 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी बेहतर परफॉर्मेंस देता है।

{इंडियन एयरफोर्स इसका इस्तेमाल एंबुलेंस, फायर फाइटर के तौर पर और पैराट्रूपर्स की लैंडिंग के लिए भी करता है।

1. जीएमएसएच-16 ने बताया कि एयरफोर्स की तरफ से फोन आया था कि