पॉलिटिकल डिनर
सीएम मेरे पुराने मित्र, उनसे तो मनमुटाव था, ही आगे रहेगा : अनिल विज
इनसाइड स्टोरी
एमएलएऔर मंत्रियों की नाराजगी दूर कर रहे हैं सीएम: प्रदेश प्रभारी अनिल जैन की मौजूदगी में पिछले दिनों चंडीगढ़ में हुई मीटिंग में मंत्रियों और विधायकों ने सीएम से समय मिलने को लेकर नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि सरकार को सीएम, मंत्री नहीं अफसर ही चला रहे हैं। इस पर पार्टी हाईकमान ने सीएम खट्टर को सभी को साथ लेकर चलने और सामंजस्य बनाए रखने के निर्देश दिए थे। इस पर अमल करते हुए सीएम खट्टर ने मंत्रियों और विधायकों से मिलने के लिए मंगलवार को समय तय किया है। साथ ही यह भी तय किया है कि वे जब भी किसी जिले में दौरे पर जाएंगे तो उनकी गाड़ी में ओएसडी और स्टाफ के बजाय स्थानीय विधायक और मंत्री ही बैठेंगे, ताकि वे उनके साथ राजनीतिक चर्चा भी कर सकें। इस कड़ी में 8 और 9 फरवरी के पानीपत यात्रा के दौरान सभी विधायकों के यहां घर पर चाय पीने गए थे। सूरजकुंड जाते समय कृषि मंत्री ओ.पी. धनखड़ को साथ लेकर गए थे। इस तरह वे विधायकों और मंत्रियों को यह कहने का मौका नहीं देना चाहते कि सीएम तो मिलते ही नहीं हैं।
खाने के बहाने खटास दूर करने गए खट्टर
विज के यहां खट्टी कढ़ी से कैसे दूर होगी खटास
अम्बाला | स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि उनका तो सीएम मनोहर लाल खट्टर से कोई मनमुटाव था और ही भविष्य में ऐसा कोई मनमुटाव रहेगा। सीएम उनके पुराने मित्र हैं। विज कैंट में एक मेडिकल सेंटर का उद्घाटन करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर स्वास्थ्य मंत्री द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए ट्वीट के प्रश्न पर विज ने कहा कि इन चुनावों की रणनीति को लेकर उनकी जो व्यक्तिगत राय थी, उन्होंने उसे ही सोशल मीडिया के माध्यम से व्यक्त किया है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि इस बारे में पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता बैठकर हार के कारणों की समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि हार के लिए किसी एक कारण पर राय बनाना न्यायोचित नही है बल्कि जितने भी कारण ध्यान में आएंगे, उन पर विस्तृत समीक्षा की जाएगी। विज ने कहा कि उन्होंने वही कहा है, जो वास्तविकता है और भविष्य में भी जो उन्हें ठीक लगेगा, उसे वे सोशल मीडिया के माध्यम से जनता के साथ शेयर करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि मेरे विचार में पार्टी को नेता आयात करने की बजाए पार्टी में ही सशक्त नेतृत्व तैयार करना चाहिए था।
अनिल विज ने सीएम के लिए डिनर में तड़के वाली कढ़ी विशेष तौर पर तैयार करवाई थी। इसकी वजह सीएम का कढ़ी खाने का शौकीन होना बताया गया। बाकी भोजन का सामान्य मेन्यू ही रखा गया। राजनीतिक हलकों में विज और सीएम के बीज खटास जगजाहिर है।