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हरियाणा में हैं 90 सीटें और 68 राजनीतिक पार्टियां
हरियाणामेंविधानसभा की कुल 90 सीटें हैं। इनमें छह राष्ट्रीय और दो राज्य स्तरीय पार्टियों समेत कुल 68 राजनीतिक दल प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हैं। लेकिन चुनाव मैदान में मात्र 8 से 10 राजनीतिक दल ही नजर आते हैं। रोचक बात यह है कि रजिस्टर्ड पार्टियों में कोई नाम से ही गरीब है तो कोई उम्मीदवारों से।
विधानसभा चुनाव का बिगुल बजने के बाद भास्कर ने चुनाव आयोग में हरियाणा के रजिस्टर्ड दलों के बारे में पड़ताल की। पता चला कि कई पार्टियों के नाम तो बसपा, हजकां, कांग्रेस से मिलते-जुलते हैं। इनमें ज्यादातर राजनीतिक दलों के नाम तो ऐसे हैं, जो शायद वोटरों ने कभी सुने भी हों। जनसंख्या की दृष्टि से हरियाणा के सबसे बड़े जिले गुड़गांव में राजनीतिक दलों के रजिस्टर्ड ऑफिस भी ज्यादा है। यहां 10 राजनीतिक दल हैं।
राजनीतिक दलों की इस भीड़ में महान दल भी फरीदाबाद और टोला पार्टी पलवल से रजिस्टर्ड हैं। इनके साथ ही मातृ भक्त पार्टी सोनीपत और भारतीय संत मत पार्टी रेवाड़ी में रजिस्टर्ड हैं।
जनाधार भले ही बहुत कम हो, लेकिन राजनीतिक दल का नाम रखने में राष्ट्रीयता की भावना जरूर झलकती है। ज्यादातर पार्टियों के नाम हिंदुस्तान या राष्ट्रीय से शुरू होते हैं। जैसे राष्ट्रीय जन सेवा सेक्युलर पार्टी, राष्ट्रीय समाज सुधार पार्टी, राष्ट्रीय मोर्चा पार्टी, राष्ट्रीय सहारा पार्टी, राष्ट्रवादी परिवर्तन पार्टी, राष्ट्रीय जनशक्ति पार्टी (एकलव्य), राष्ट्रीय कर्मयोग पार्टी, राष्ट्र शक्ति, राष्ट्रीय जनहित पार्टी, हिंदुस्तान क्रांति दल के साथ-साथ समस्त भारतीय पार्टी, स्वर्ण भारत पार्टी, भारतीय लोक विकास पार्टी, भारतीय समाज शक्ति पार्टी, भारतीय कांग्रेस (एम), भारतीय सामाजक न्याय पार्टी, भारतीय रक्षक पार्टी, भारतीय स्वराज्य मंच जैसे नाम भी राजनीतिक दलों ने रखे हैं।
पानीपत में राष्ट्रीय गरीब दल है तो भिवानी में रिपब्लिक बैकवर्ड पार्टी। जींद में हरियाणा गरीब पिछड़ा युवा संगठन और महेंद्रगढ़ में नि:स्वार्थ सेवा पार्टी भी है। हरियाणा कृषि प्रदेश है, इसलिए किसानों के नाम पर भी अलग से पार्टी बनी हैं। इनमें जय जवान, जय किसान पार्टी, राष्ट्रीय किसान पार्टी हैं।
क्षेत्रीय पार्टियाें के नामों का चयन ऐसे किया है कि चुनाव में वे राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय दलों की पहचान का फायदा उठा सकें। गुड़गांव में नेशनल जनहित कांग्रेस (एबी), न