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एसी बस स्टैंड की डेडलाइन पूरी, काम अभी तक अधूरा

8 वर्ष पहले
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मोहाली. डिप्टी सीएम ने शहर के लोगों को एयर कंडीशंड (एसी) बस स्टैंड देने का जो सपना जो दिखाया गया था, वह अभी पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा है, जिसका मुख्य कारण कंस्ट्रक्शन करने वाले कंपनी द्वारा काम को लेकर दिलचस्पी न दिखाया जाना है। गमाडा ने कंपनी को 31 मार्च तक यह काम पूरा करने की डेडलाइन दी थी। यह डेडलाइन भी अब पूरी हुए तीन माह गुजर चुके हैं, लेकिन अभी भी यह बस स्टैंड चालू होता नहीं दिखाई दे रहा है। कंपनी 2014 दिसबंर तक की एक्सटेंशन मांगने की तैयारी कर रही है। जबकि गमाडा इस बार एक्सटेंशन को लेकर सरकार की ओर देख रहा है। बस स्टैंड पूरा न होने के चलते गमाडा की जिम्मेदारी से सरकार की किरकरी हो रही है। वहीं, इस प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों की भी कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।

पूरा प्रोजेक्ट नहीं, मात्र बस टर्मिनल ही बनाने के निर्देश: सरकार ने सीएंडसी कंपनी को ७ एकड़ जमीन बस टर्मिनल और मोहाली जंक्शन कमर्शियल टावर बनाने के लिए जमीन दी थी। यह जमीन लीज पर दी गई थी, जबकि बस स्टैंड व कॅमर्शियल टावर कंपनी ने अपने पैसे से तैयार करने थे। उसमें से बस स्टैंड सरकार का था और कमर्शियल टावर, मल्टीप्लेक्स, 5 स्टार होटल जो 21 से 23 मंजिला थे, उन पर कंपनी का अधिकार था। यह पूरा प्रोजेक्ट 355 करोड़ रुपए का था।

कमर्शियल टावर धंसने के बाद काम हुआ प्रभावित : साल 2011 सितंबर में इस बस टर्मिनल व कमर्शियल टावर तथा होटल के बेसमेंट काम काम चल रहा था। कमर्शियल टावर की बेसमेंट की 5 मंजिलें धंस कर टूट गई थी। जिसके बाद कंपनी ने कॉमर्शियल टॉवर तथा 5 स्टार होटल टावर का काम बंद कर दिया और बस स्टैंड पर ही फोकस किया। इस कार्य के लिए आईआईटी मुंबई के इंजीनियर्स से भी डिजाइन तैयार करवाया गया था। उसके बाद सरकार ने कंपनी को काह के वे बाकी काम छोड़ बस टर्मिनल को पूरा करें।

2009 में रखा था डिप्टी सीएम ने नींव पत्थर : डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल ने अपनी सरकार के पिछले कार्यकाल के दौरान फरवरी 2009 में एसी इंटर स्टेट बस टर्मिनल का नींव पत्थर इंडस्ट्रियल एरिया में रखा था। उन्होंने कहा था कि यह बस स्टैंड नॉर्थ रीजन का पहला एसी बस टर्मिनल होगा। जब नींव पत्थर रखा गया उसके कुछ ही दिनों के बाद 2009 के लोकसभा चुनावों का ऐलान हो गया था। इस काम को कंपनी ने ढाई साल में यानी 2012 में पूरा किया जाना था।

कंस्ट्रक्शन मैटीरियल न मिलना बना परेशानी
सीएमसी कंपनी के चीफ जरनल मैनेजर कर्नल सीवीएस सहगल ने बताया कि काम को ठीक चल रहा था। एकाएक कंस्ट्रक्शन मैटीरियल की कमी आई, जिस कारण काम में देरी हुई। और शेष टॉवर भी अधूरे रह गए। बस स्टैंड का काम भी किया जा रहा है। 250 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके है। बस स्टैंड की फिनिशिंग चल रही है। सरकार से वार्ता की जा रही है। दिसबंर 2014 तक का समय और मांगा जा रहा है। ताकि काम को पूरा किया जा सके।

कंपनी झूठ बोल रही

गमाडा के सीए एके सिन्हा ने बताया कि बस स्टैंड का कंस्ट्रक्शन वर्क पूरा हो चुका है। उसकी एसी डेक्स व फिनिशिंग वर्क रहता है। इसमें कंस्ट्रक्शन मैटीरियल की बात गैर वाजिब है। सरकार को इस प्रोजेक्ट के बारे में अगली कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है। आखिरी फैसला सरकार द्वारा ही लिया जाना है।