जीरकपुर, चंडीगढ़। करोड़ों की प्रॉपर्टी, कई किले जमीन का जिसे वारिस बनना था वो खुद मिट्टी में मिल गया। जीरकपुर फ्लाईओवर पर दो गाड़ियों की रेस के दौरान जान गंवाने वाले मनकीरत सिंह का शनिवार को सिंगपुरा गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया। वो सिंगपुरा के सरपंच रहे रंजीत सिंह के बेटे सुरिंदर सिंह का बेटा था। परिवार का इकलौता बेटा। उसके संस्कार में चंडीगढ़, मोहाली और जीरकपुर के सैकड़ों लोग शामिल थे। जीरकपुर में अब भी कई किले जमीन सुरिंदर सिंह के पास है। कई बड़े प्रोजेक्ट के लिए इनकी जमीन बिकी है।
देर शाम सुरिंदर सिंह से बात हुई तो वो इतना ही बोले- अब प्रॉपर्टी का क्या करना जब बेटा ही चला गया, मैं तो जीते जी मर गया। मनकीरत की बड़ी बहन की दो महीने बाद शादी है।
शुक्रवार को फ्लाईओवर पर पजेरो और आई20 की रेस में दो स्टूडेंट्स की जान चली गई थी। इनमें पजेरो चला रहा मनकीरत भी शामिल था। संस्कार में शामिल कुछ लोगों ने कहा मनकीरत को कई बार स्पीड में गाड़ी चलाने पर टोका था, काश वो मान जाता।
एक्सीडेंट से पांच मिनट पहले एसएचओ को आया था फोन-
दो गाड़ियों में रेस लगी है, कहीं हादसा न हो जाए
जीरकपुर ट्रैफिक इंचार्ज गुरविंदर सिंह ट्रिब्यून चौक पर थे, तभी हादसे के करीब 5 मिनट पहले फोन आया था। फोन करने वाले ने कहा- सर, चंडीगढ़ से जीरकपुर की ओर दो गाड़ियां बहुत स्पीड से जा रही हैं। एक पजेरो है, दूसरी आई 20 कार, रेस लगा रहे हैं... कहीं हादसा न हो जाए। गुरविंदर ने बताया- इससे पहले कि वहां पहुंचता मेरे पिताजी का फोन आया, उन्होंने बताया कि सामने फ्लाईओवर पर एक्सीडेंट हो गया है। मैं सीधे फ्लाईओवर पर गया। वहां पजेरो को देखते ही समझ गया कि वही दो गाड़ियां हैं जिनके बारे में पहले फोन आया था।
39 मेजर एक्सीडेंट
जीरकपुर 2014 में
{41 लोगों की जान गई इनमें
{ 53 लोग जख्मी हुए इन हादसों में
{40 हजार गाड़ियां रोज निकलती हैं दप्पर टोल प्लाजा से
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने कहा-
1.जीरकपुर में पटियाला की ओर फ्लाईओवर जरूरी, इससे हादसे कम होंगे।
2.एनएच-22 पर दो जगह ट्रैफिक लाइट जरूरी- सिंगपुरा चौक और मैक्डोनल्ड चौक
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