एसिड अटैक की शिकायत, पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई

8 वर्ष पहले
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मनीमाजरा. महिलाओं पर एसिड अटैक के मामले में जहां सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी के अलावा सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, वहीं मनीमाजरा के शांति नगर की एक युवती इस शिकायत के लिए मनीमाजरा थाने के बीते 7 अगस्त से चक्कर काट रही है।


युवती के मुताबिक उसकी 4 साल पहले मोहाली के रहने वाले संदीप से सगाई हुई थी, लेकिन घरवालों को पता चला कि संदीप का आपराधिक रिकॉर्ड है, इसलिए उन्होंने रिश्ता तोड़ दिया। इस दौरान संदीप को जेल हो गई थी। इसके बाद 7 अगस्त को संदीप उसके घर आया और एसिड डालने की धमकी देकर चला गया। इसकी शिकायत मनीमाजरा थाने में दी गई। पुलिस ने ओमप्रकाश को मामले की जांच में लगा दिया, लेकिन ओमप्रकाश ने इस शिकायत पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की।


शिकायत के बाद भी दो बार हमले की कोशिश: शिकायत देने के बावजूद २ बार संदीप उसके घर आकर धमकी देकर जा चुका है। साथ में तेजाब भी लेकर आता है। इसके बावजूद पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। 15 अगस्त को भी संदीप उसके घर आया और घर के बाहर एसिड फेंककर चला गया। इसके बाद 30 अगस्त को संदीप फिर उसके घर आया। घर में कोई नहीं था। युवती ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। उसने शोर मचाया तो आस-पास के लोग इकट्ठा हो गए, लेकिन संदीप वहां से भाग गया।

यह सवाल अभी भी बाकी:
- यदि युवती ने 7 अगस्त को शिकायत दर्ज करवाई तो आज तक इसकी रिपोर्ट दर्ज क्यों नहीं हुई।
-युवती का आरोप है कि उसे एफआईआर की कॉपी भी नहीं दी गई।


-क्या पुलिस को सर्विलांस से फोन की लोकेशन तलाशने में एक महीना लग जाता है। पुलिस आज तक इस नंबर के मालिक का पता क्यों नहीं लगा सकी। वहीं पुलिस यह कह कर पल्ला झाड़ रही है कि फोन बंद आ रहा है।


धमकाने वाले का फोन बंद: पुलिस

मनीमाजरा थाने के एसएचओ चरणजीत सिंह का कहना है कि युवती ने एसिड अटैक की शिकायत नहीं दी। न ही उसने वह जगह दिखाई, जहां एसिड गिराया गया था। उसने केवल आरोप लगाया है कि उसे फोन पर धमकाया जा रहा है। पुलिस उसके फोन से युवक को पकडऩे की कोशिश कर रही है, लेकिन फोन बंद आ रहा है। फोन नंबर से पता निकलवाया गया था जो लुधियाना का है। मामले की डीडीआर दर्ज कर ली गई है।