पंचकूला। पंचकूला में जिन लोगों के साथ आपराधिक वारदातें हुई हैं या जिन लोगों के पंचकूला कोर्ट में केस चल रहे हैं, उन सभी लोगों के लिए खुशी की बात है कि अब केस की जांच में पुलिस की ओर से छोड़ी गई कमियां कोर्ट के सामने आने से पहले ही उन्हें पकड़ा जा सकेगा और सुधार किया जा सकेगा। इससे कोर्ट में सुनवाई के दौरान पुलिस की लापरवाही के कारण आरोपी बच नहीं सकेंगे।
इसके लिए डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी के एडवोकेट से लेकर जज तक काम करेंगे। इस बारे में बुधवार को चंडीगढ़ और पंचकूला के सेशंस जज ने पुलिस अफसरों और कर्मचारियों को डीसी ऑफिस में जानकारी दी। चंडीगढ़ के डिस्ट्रिक्ट सेशंस जज विक्रम अग्रवाल, पंचकूला के डिस्ट्रिक्ट सेशंस जज आरके सौंधी, डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस के जज हेमराज मित्तल और डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी के एडवाेकेट मनबीर सिंह राठी ने सभी पुलिस थानों के एसएचओ और आईओ को इस बारे में बताया।
जांच में कमियां छोड़ देती है पुलिस: शहर के 28 सेक्टरों में रहने वाले हजारों परिवारों को रोजाना किसी न किसी कारण पुलिस की मदद की जरूरत पड़ती है। शहर में होने वाली चोरी, लूट और
अन्य आपरािधक वारदातों में पुलिस ही इन्वेस्टिगेशन करती है। जांच के बाद पुलिस इन केसों को कोर्ट में ले जाती है और कोर्ट पुिलस की जांच, सबूतों और गवाहों के आधार पर फैसला सुनाती है, लेकिन कई केसों में पुिलस ही जांच में लापरवाही बरतती है और कई कमियां छोड़ देती है। यहां तक कि सबूत और गवाह तक तैयार नहीं किए जाते। एेसे में जांच में पुलिस की लापरवाही के कारण अपराधी कोर्ट से छूट जाते हैं।
हर दूसरे और अंतिम शनिवार को सुधारी जाएंगी कमियां: अब हर महीने के दूसरे और आखरी शनिवार को डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी के एडवोकेट सभी थानों के आईओ से उनके
केसों पर डिस्कशन करेंगे। डीसी ऑफिस या कोर्ट में होने वाली इस डिस्कशन में सभी केसों में हो चुकी जांच और उनमें रह गई कमियों के बारे में बताया जाएगा और उनमें सुधार के तरीके बताए जाएंगे, ताकि उस कमी के कारण कोर्ट में सुनवाई के दौरान अपराधी बच न सके। इससे पुलिस को कोर्ट में जाने से पहले ही जांच में छूटी कमी के बारे में पता चल जाएगा और उसमें सुधार किया जा सकेगा।