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और प्रशासन पहुंचा पार्टी की ड्यूटी बजाने

8 वर्ष पहले
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पंचकूला/चंडीगढ़। इंद्रधनुष ऑडिटोरियम सेक्टर-5 में कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों और नेताओं की बुधवार को करीब 5 घंटे की विशेष बैठक ली। कहने को तो ये कांग्रेस पार्टी का कार्यक्रम था। इस कार्यक्रम में पार्टी वर्कर, नेता के अलावा किसी को आने तक की अनुमति नहीं थी। जो अंदर थे, उनके लिए भी पास थे। इसके बावजूद इस पार्टी कार्यक्रम के दौरान पूरा प्रशासन जुटा रहा।

लघु सचिवालय में अफसर मौजूद ही नहीं थे। प्रशासनिक अफसर पार्टी कार्यक्रम में नेताओं की आवभगत करने में जुटे रहे। इनेलो के जिला शहरी प्रधान मनोज अग्रवाल ने कहा कि ये सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि पार्टी कार्यक्रम था। प्रशासनिक अफसर तो यहां सिर्फ अपने नंबर बनाने के लिए पहुंचे हुए थे।

वैसे तो सीएम साहब कहते हैं कि प्रशासन के अफसरों को ऑफिस में मौजूद होकर लोगों की समस्याओं को सुनना चाहिए, लेकिन डीसी ऑफिस में डीसी, एसडीएम, एडीसी, तहसीलदार सहित कई अफसर मौजूद ही नहीं थे, क्योंकि ये सभी अफसर राहुल गांधी के इंतजामों में लगे हुए थे।

4/5 लाइट पॉइंट पर पुलिस ने सुबह करीब साढ़े 9 बजे से नाका लगा दिया था। कई लोगों को सरकारी ऑफि सों की पार्किंग में गाड़ी को खडा कर अपने घर जाना पड़ा। सेक्टर 5 में लोगों आने-जाने में परेशानी हुई, क्योंकि सेक्टर की नाकाबंदी होने के चलते पुलिस अंदर जाने नहीं दे रही थी।

सेक्टर 4 और 5 में सरकारी कार्यालयों में काम करने वालो लोगों को भी परेशानी हुई। सेक्टर12, 12ए के लोगों को इन सेक्टरों की डिवाइङ्क्षडग पर भी नहीं आने दिया गया, क्योंकि यहां से राहुल का काफिला गुजरना था। सेक्टर 12 के राहुल ने बताया कि उन्हें उनके ही घर तक नहीं जाने दिया गया। कालका

जीरकपुर हाइवे पर सेक्टर 20 के अंडर पाथ के पास जाम लग गया। पार्थ को अपने टयूशन पर जाना था, लेकिन उसे भी पुलिस ने रोक लिया। राहुल के काफिले के कारण कुल मिलाकर बुधवार को सारे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ी रही, क्योंकि सारी पुलिस वीआइपी की तिरदारी में बिजी थी।

राहुल के जाते ही पुलिस गायब
जैसे ही राहुल 4 बजकर 11 मिनट पर रवाना हुए तो कुछ मिनट बाद ही शहर की सड़कों से पुलिस भी गायब हो गई। कई जगहों पर पुलिसकर्मी बोल रहे थे, चलों अब मिलेगी राहत की सांस। असल में पंचकूला में करीब 700 पुलिसकर्मियों को लगाया गया था। इनमें चार एसपी, 10 डीएसपी लेवल के अफसर, एसपीजी कमांडों आदि शामिल थे।