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ढुलमुल रवैये से हो रहे कब्जे

8 वर्ष पहले
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चंडीगढ़।राजनीतिक दबाव के चलते चंडीगढ़ प्रशासन के अफसर 3 माह में धनास से मार्बल मार्केट हटाने में नाकाम रहे हैं। प्रशासन के इस ढुलमुल रवैये की वजह से शहर में सरकारी जमीन पर कब्जे बढ़ रहे हैं। शहर के पार्क और गोल चक्कर भी इससे अछूते नहीं हैं।सेक्टर 43/44/51/52 के गोल चक्कर पर एक परिवार ने झुग्गी डाल रखी है। झुग्गी में पास ही लगे इलेक्ट्रिसिटी बॉक्स से कुंडी लगाकर बिजली का इस्तेमाल हो रहा है।

यहां रह रहे गौतम बुद्ध के मुताबिक सेक्टर 51 की हाउसिंग सोसायटी में रहने वाले लोगों ने उन्हें गोल चक्कर पर झुग्गी डालकर रहने को कहा है। इसके बदले में वे गोल चक्कर को मेंटेन व रख रखाव का जिम्मा संभाल रहे हैं। यह परिवार दिन में इस गोल चक्कर पर ही नहाता और कपड़े धोते है।

सेक्टर 19सी में गवर्नमेंट मॉडल सीसे. स्कूल के साथ बने पार्क में चंद दिन पहले हजरत फिरदौस शाह रहमतुल्लाह अल्लाह साहिब की दरगाह बना दी गई है। इसमें अवैध ढंग से पार्क की बिजली व पानी कनेक्शन का इस्तेमाल किया जा रहा है। सुबह-शाम लाउड स्पीकर में ऊंची आवाज में म्यूजिक लगाने से लोग परेशान हैं। पार्क के पास रहने वाले विनोद का कहना है कि पार्क में भी अवैध कब्जे होने लगे हैं।

लोग अब इस पार्क में सैर के लिए जाने से गुरेज करने लगे हैं। प्रशासन ने 19 फरवरी को पेरीफेरी कंट्रोल एक्ट की वॉयलेशन के तहत धनास में मार्बल मार्केट हटाने का अभियान चलाया था। डीसी मो. शाईन व जमीन अधिग्रहण अधिकारी तिलक राज की अध्यक्षता में चलाए गए इस अभियान के तहत 25 दुकानें गिराई जा चुकी थी। सांसद पवन कुमार बंसल के बेटे मनीष बंसल और जिला कांग्रेस के अध्यक्ष हरमोहिंद्र सिंह लक्की ने पहुंच कर अतिक्रमण हटाओ अभियान को रुकवा दिया था।

अफसरों ने सभी मार्बल डीलर्स को स्वयं ही तीन दिन में दुकानें हटाने के निर्देश दिए थे। दुकानें न हटने पर एक हफ्ता और फिर एक माह की मोहलत दी गई। अब ढाई माह बीत चुके हैं, लेकिन प्रशासन के अफसर मार्केट नहीं हटा पाए। वहीं सेक्टर 53 और 54 में बनी फर्नीचर मार्केट में दुकानदारों की तादाद बढ़ती जा रही है। ये मार्केट भी गवर्नमेंट जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर बनी हैं।

1987 में यहां 90 फर्नीचर विक्रेता सरकारी जमीन पर कब्जा कर बैठे थे। इनमें से करीब 65 दुकानदार पुराने हैं। शेष फर्नीचर विक्रेता अब किसी अन्य को जगह बेचकर जा चुके हैं। हाईकोर्ट और इस्टेट ऑफिस की लिस्ट भी आपस में मेल नहीं खाती है।

सीधी बात
शहर में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे लगातार बढ़ रहे हैं? प्रशासन कब्जा करने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं करता?
चंडीगढ़ प्रशासन सरकारी कब्जों के खिलाफ सख्त खिलाफ है। इस्टेट ऑफिस, नगर निगम और चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड

को अपने एरिया में सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश हैं।

अब शहर के गोल चक्कर और ग्रीन बैल्ट में भी कब्जे होने लगे हैं?

ऐसा कोई मामला अभी मेरी नॉलेज में नहीं है। अगर ऐसा हो रहा है तो तुरंत सरकारी जमीन से कब्जे
हटवाएं जाएंगे।

प्रशासन ऐसी कोई पॉलिसी क्यों नहीं बनाता कि सरकारी जमीन पर आए दिन लोग कब्जा न करें?

भविष्य में सुनिश्चित किया जाएगा

कि शहर में सरकारी जमीन पर

कब्जा न हो। सरकारी जमीन पर

कब्जा करने वालों के खिलाफ पुलिस में पर्चा करा गिरफ्तार भी कराया जाएगा।