(फाइल फोटो: आशुतोष महाराज)
चंडीगढ़/जालंधर. उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के बेटे के दावे पर उनका डीएनए टेस्ट हो सकता है तो यह आशुतोष महाराज के मामले में भी होना चाहिए। मैं आशुतोष महाराज का बेटा हूं और उनकी मौत के बाद उनके शरीर का अंतिम संस्कार करना मेरा हक भी है और कर्तव्य भी। ऐसे में हाईकोर्ट के एकल जज के आदेशों पर रोक लगाते हुए डीएनए टेस्ट करवाया जाए और तब साबित हो जाएगा कि मैं ही आशुतोष महाराज का बेटा हूं।
पंजाब के नूरमहल स्थित दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के संस्थापक आशुतोष महाराज के बेटे होने का दावा करने वाले दलीप झा ने हाईकोर्ट के एकल जज के फैसले के खिलाफ दायर की अपील में यह दलील दी है। अपील में कहा गया है कि उसकी डीएनए मिलाए जाने और अंतिम संस्कार करने का हक दिए जाने की मांग खारिज कर दी गई है। ऐसे में उनकी इन दलीलों पर विचार किया जाए।
एकल जज ने रद्द कर दी थी मांग
एकल जज ने एक दिसंबर के फैसले में महाराज का 15 दिन में अंतिम संस्कार करने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने महाराज की पार्थिव देह सौंपे जाने की मांग संबंधी दलीप झा की मांग को अस्वीकार कर दिया था और पंजाब के चीफ सैक्रेटरी, प्रिंसीपल सैक्रेटरी (होम), हैल्थ और लोकल बॉडीज विभाग के सैक्रेटरी और डीजीपी की सुपरविजन में कमेटी गठित कर 15 दिन में महाराज के अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने के निर्देश थे। दलीप कुमार झा ने डेरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि चल व अचल संपत्ति के लालच में महाराज को जहर देकर मारे जाने की आशंका है। ऐसे में डैड्ड बॉडी का पोस्टमार्टम कराया जाए। हाईकोर्ट ने इस दलील को भी अस्वीकार कर दिया था। दलीप झा ने कहा कि राज्य सरकार केवल उसी शरीर का अंतिम संस्कार कर सकती है जिसका कोई दावेदार न हो। यहां वे दावा जता रहे हैं, ऐसे में सरकार को अंतिम संस्कार करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
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