मोहाली. वीरवार को ‘शेरा' मैस्कॉट बनाने वाली फैक्ट्री इंडस्ट्रियल एरिया फेज-7 स्थित गैरी आर्ट्स में आग लग गई।
सूचना पाकर मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की 3 गाड़ियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, क्योंकि एक तो आग फाइबर के बुत में लगी थी दूसरा वहां बुत बनाने के लिए प्रयोग होने वाले केमिकल के डिब्बे पड़े हुए थे। आग से पिंजरे में बंद करीब 70 जिंदा कबूतर जल गए। इसके अलावा लाखों का सामान, बाइक, रेहड़ी और अन्य सामान भी जलकर खाक हो गया। शॉर्ट सर्किट से लगी आग में करीब 5 लाख रुपए का नुकसान हो गया।
बुजुर्ग सुरिंदर कौर भाग रही थी जानवर बचाने के लिए
फैक्ट्री के एक तरफ जानवरों का बाड़ा बना हुआ था। इसमें पिंजरे में सफेद रंग के करीब 70 कबूतर रखे हुए थे और जमीन में सुरंग बनाकर करीब 50 खरगोश। जब आग भड़की तो फैक्ट्री में काम करने वाली और जानवरों की देखरेख करने वाली बुजुर्ग सुरिंदर कौर बाड़े की तरफ भागीं।
वर्कर और फैक्ट्री की मालकिन गगनदीप ग्रेवाल बड़े-बड़े बुत और अन्य फाइबर के बुत को साइड में करने में जुटे थे, तो बुजुर्ग सुरिंदर कौर जानवरों को आग में झुलसता देख उनको बचाने में लगी हुई थी। फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले कर्मचारी जिसके हाथ में जो आया चाहे बाल्टी, डिब्बा या अन्य सामान उसमें पानी भरकर आग बुझाने का प्रयास
करते रहे। 3 फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने आकर आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।
‘शेरा' मैस्कॉट बनाने की फैक्ट्री में आग
फायर ब्रिगेड के आग पर काबू पाने के बाद फैक्ट्री के वर्कर तुरंत जानवरों के बाड़े में गए। 70 कबूतर वहां झुलस चुके थे, लेकिन मिट्टी के नीचे खोदी गई सुरंग में सारे खरगोश एक दूसरे के ऊपर जाकर छुप गए। फैक्ट्री कर्मचारियों ने सुरंग में से एक-एक कर खरगोश और उनके बच्चों को बाहर निकाला। एक कबूतर और उसका बच्चा भी खरगोश के बीच में जिंदा मिला।