चंडीगढ़. हरियाणा में वेब बेस टैक्सी सेवा देने वाली कंपनियों को बंद कर दिया गया है। ट्रांसपोर्ट कमिश्नर अशोक खेमका ने इस संबंध में जारी अपने निर्देश में रीजनल ट्रांसपोर्ट अथाॅरिटी के सेक्रेटरी से तुरंत ही ऐसी कंपनियों काे बंद करने व उनका लाइसेंस कैंसिल करने को कहा है। उन्होंने लोगों से भी आग्रह किया कि ऐसी किसी भी टैक्सी की सेवाएं न ले जिसके पास लाइसेंस न हो।
प्रदेश में 2007 में रेडियो कैब योजना बनाई थी। गुड़गांव, फरीदाबाद और पंचकूला में 50 किलोमीटर के दायरे में कैब चलाने के लिए ऑपरेटरों को परमिट दिए गए थे। गुड़गांव जिले में सात कंपनियों को परमिट दिए गए थे। जिनमें से तीन कंपनियों के लाइसेंस का रिन्यू नहीं हुआ। चार कंपनियों के पास परमिट हैं, इसमें मैसर्ज सोनम रेंट ए,कार सुशांत लोक फेज-1, मैसर्ज सूर्या इन्फ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्ज क्विक कैब प्राईवेट लिमिटेड, मैसर्ज अपरा कैबस इंडिया प्राईवेट शामिल हैं।