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आईएएस अफसर भी आए जांच के घेरे में, गिरफ्तारी तय

8 वर्ष पहले
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चंडीगढ़। रेलवे में प्रमोशन के लिए घूसखोरी के मामले में रेल मंत्री पवन बंसल के करीबी आईएएस अफसर की गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है। उसके खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 13.1 के सेक्शन डी के तहत केस दर्ज किया जा रहा है। उस पर रेलवे बोर्ड के सदस्य महेश कुमार को चार्ज दिलाने के लिए पद का दुरुपयोग करने का आरोप है।

सीबीआई ने फोन रिकॉर्डिंग के आधार पर कानूनी राय ले ली है। रेलमंत्री के भांजे विजय सिंगला की कॉल रिकॉर्डिंग से पता चला है कि इस अफसर की उससे कई बार बात हुई। इसमें यह महेश को प. रेलवे व सिग्नल एंड टेलीकॉम का चार्ज देने की सिफारिश की बात कबूल रहा है।

यूनियन ने भ्रष्टाचार की ओर किया था इशारा

ऑल इंडिया रेलवे फेडरेशन का वह ओपन लेटर भी सीबीआई के पास पहुंच चुका है, जिसमें घूसखोरी की आशंका जताई गई थी। फेडरेशन ने कैबिनेट सेक्रेटरी अजीत सेठ को पत्र लिखा था और पूछा था कि रेलवे की बड़ी सीटों को खाली क्यों रखा जा रहा है। सीबीआई संगठन के प्रधान शिवराज मिश्रा का बयान दर्ज करेगी।

आखिरी किरदार तक पहुंचेंगे : सिन्हा
चाहे कोई मंत्री हो या बड़ा अफसर। किसी को बख्शा नहीं जाएगा। हमारी जांच सटीक चल रही है। जल्द इसमें बड़े खुलासे होंगे। हम रिश्वतखोरी के आखिरी किरदार तक पहुंचेंगे।
रंजीत सिन्हा, सीबीआई डॉयरेक्टर

रेलमंत्री के पीएस से संपर्क में था आरोपी
महेश कुमार को सिंगला व बंसल के करीबी अफसर के बीच फोन पर हुई बातचीत के नौ दिन बाद ही एडिशनल चार्ज दे दिया गया था। इसलिए मामले में अफसर की सीधी भूमिका बताई जा रही है। दरअसल, सिंगला रेल मंत्री के पर्सनल सेक्रेटरी व रिश्तेदार राहुल भंडारी के संपर्क में था। आईएएस अफसर भंडारी बंसल के परिवार में खासा दखल रखते हैं।