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वार्ड 10 उपचुनाव: लकियत के भाई हरदीप का मुकाबला भूपिंदर बड़हेड़ी से

6 वर्ष पहले
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चंडीगढ़। नगर निगम के वार्ड नंबर 10 से कांग्रेस ने भूपिंदर सिंह बड़हेड़ी को चुनाव मैदान में उतारा है। शनिवार को कांग्रेस भवन में हुई बैठक में बड़हेड़ी को कांग्रेस का प्रत्याशी घोषित किया गया। वहीं भाजपा अकाली गठबंधन की तरफ से पूर्व पार्षद मलकियत सिंह के भाई हरदीप सिंह को चुनाव मैदान में उतारा जा रहा है।
भाजपा-अकाली गठबंधन में इस सीट को लेकर खींचतान चल रही थी। ये वार्ड अकाली पार्षद मलकियत के निधन के बाद से खाली है। पहले मलकियत के भाई हरदीप ने चुनाव लड़ने से मना कर दिया था। लेकिन देर रात तक चली अकाली दल और गांव वालों की बैठक के बाद हरदीप सिंह चुनाव लड़ने के लिए तैयार हो गए।

भाजपा के संगठन मंत्री अजय जमवाल रविवार को शहर में होंगे। उनकी मौजूदगी में भाजपा-अकाली गठबंधन हरदीप सिंह को अपना कैंडीडेट घोषित करेगी। वार्ड नंबर 10 का चुनाव भाजपा और कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है। दोनों ही पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत इस वार्ड पर लगानी शुरू कर दी है। वार्ड चुनाव के लिए नॉमिनेशन फाइल करने की आखिरी डेट 9 फरवरी है। मेयर चुनाव में जीत के बाद जहां कांग्रेस के हौसले बुलंद हैं, वहीं भाजपा-अकाली हर हाल में इस सीट जीतना चाहता है।
भाजपा के लिए बना नाक का सवाल, छाबड़ा के लिए चैलेंज
भाजपा-अकाली गठबंधन शुरू से ही मलकियत के परिवार से ही किसी को मैदान में उतारने की तैयारी कर रहा था। मेयर चुनाव में हार के बाद यह सीट भाजपा के लिए नाक का सवाल है। कांग्रेस की तरफ से जसबीर सिंह बंटी और भूपिंदर सिंह बड़हेड़ी टिकट के लिए जोर लगा रहे थे। शनिवार को पवन बंसल की मौजूदगी में बड़हेड़ी को कैंडिडेट बनाया गया।
भाजपा-अकाली गठबंधन एक बार फिर यह सीट जीतता है तो निगम में उसकी स्थिति मजबूत होगी। कांग्रेस के 4 बड़े नेता- राजबाला मलिक, पार्षद सतप्रकाश अग्रवाल, डिप्टी मेयर रहे सतीश कैंथ तथा कश्मीरी देवी भाजपा में शामिल हो चुके हैं। प्रदीप छाबड़ा हाल ही में कांग्रेस प्रेसिडेंट बने हैं, उनके लिए ये चुनाव बड़ा चैलेंज है। इस वार्ड में 24 हजार वोट हैं। चुनाव 1 मार्च को है।