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कैंसर रिलीफ के लिए सरकार पर सेस, पांच में चार मद जुड़े हैं सकारी विभागों से

8 वर्ष पहले
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चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने कैंसर की रोक थाम और मरीजों के इलाज के लिए फंड जुटाने के लिए लगाए जाने वाले सेस की अधिसूचना जारी कर दी है। इसमें से चार मद सरकारी विभागों से जुड़े हुए है, जिनसे फंड की राशि आनी है।
इसके अलावा सिगरेट पर लगने वाले टैक्स का 33 फीसदी हिस्सा भी इसमें जाएगा। फंड के लिए पंजाब स्टेट कैंसर एंड ड्रग एडिक्शन ट्रीटमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर फंड एक्ट 2013 सरकार ने बजट सत्र के दौरान ही पारित किया था, जिसकी धारा 6 ए से लेकर 6 ई तक फंड एकत्रित करने के लिए स्रोतों की जानकारी दी गई है।
सरकारी संपत्ति की नीलामी से
अधिसूचना के अनुसार सरकारी, अर्ध-सरकारी, स्थानीय निकाय, इंप्रूवमेंट ट्रस्टों और पंचायती राज संस्थाओं, के कब्जे वाली अचल संपत्ति को खाली करवाकर उसकी नीलामी करवाने वाली जमीन से मिलने वाली आय का 2 फीसदी हिस्सा इस फंड में दिया जाएगा।
बोर्ड कॉपरेरेशन की आमदनी से
बोर्ड-कॉपरेरेशन,कोआपरेटिव संस्थएं, स्थानीय निकाय संस्थाएं , नगर सुधार ट्रस्ट और पंचायत राज्य संस्थाएं जो घाटे में न चल रही हों की आमदनी का 2 फीसदी हिस्सा लिया जाएगा। लेकिन यदि विभाग चाहें तो अपनी मर्जी से अधिक राशि का योगदान भी दे सकते हैं।
सड़क और पुलों के निर्माण से
सड़कों और पुल जो 50 करोड़ से ऊपर के होंगे की टेंडर कीमत का एक फीसदी हिस्सा इस फंड में जाएगा।
सोसायटियों की आय से
सरकार के विभागों द्वारा स्थापित सोसायटियों, ट्रस्ट की आय का दो फीसदी हिस्सा, साल में दो बार जाएगा।
सिगरेट पर टैक्स का 33 फीसदी हिस्सा
सिगरेट पर लगे 50 फीसदी टैक्स में से 33 फीसदी हिस्सा इस फंड में जमा करवाया जाएगा।
300 करोड़ का लक्ष्य
सीएम बादल इस फंड में हर साल 300 करोड़ रु. जुटाना चाहते हैँ । इसके लिए उन्होंने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया है, जो अन्य स्रोतों से इस फंड के लिए राशि जुटाएगी। इसके लिए 20 मई को मीटिंग बुलाई गई है। कमेटी में मुख्य सचिव के अलावा स्वास्थ्य और वित्त विभाग के अलावा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भी होंगे।
टाटा मेमोरियल की टीम करेगी 19 कैंसर अस्पतालों का इंस्पेक्शन
कैंसर के इलाज के लिए वित्तीय सहायता देने के लिए इंपेनल किए गए 19 अस्पतालों की इंस्पेक्शन पंजाब सरकार टाटा मेमोरियल कैंसर (टीएमसी) अस्पताल से करवाएगी। इसके लिए टीएमसी टीम 16 मई को पंजाब के दौरे पर आ रही है ।
टीम अमृतसर, फरीदकोट और पटियाला के मेडिकल कॉलेजों की भी जांच करेगी और यदि उनमें कैंसर के इलाज को लेकर खामियां हुई तो उन्हें सुझाव देगी। इसके अलावा टीम मोहाली में 200 डॉक्टर्स और इतनी ही नर्सो को भी कैंसर के इलाज के लिए प्रशिक्षण देगी।
यदि कोई डॉक्टर और अधिक ट्रेनिंग करना चाहेगा तो उन्हें मुंबई में कैंसर अस्पताल में भेजा जाएगा जहां 6 महीने तक के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रमुख स्वास्थ्य सचिव विनी महाजन ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि टीएमसी की ओर से राज्य सरकार को कैंसर के इलाज के लिए अस्पतालों को मजबूत करने के लिए हर संभव सहायता देने का भरोसा दिया गया है।
पंजाब सरकार ने इससे पहले 37 अस्पतालों को कैंसर का इलाज करवाने वाले मरीजों को वित्तीय सहायता देने के लिए इम्पेनल किया था, लेकिन सरकार की ओर से जब इन अस्पतालों की जांच करवाई गई तो पाया कि 11 अस्पतालों के पास कैंसर के इलाज की सुविधाएं नहीं हैं, जबकि 7 अस्पतालों में सुविधाओं की कमी है। रिपोर्ट मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने इनकी इंपेनलमेंट खत्म करने के आदेश दिए।
डोर टू डोर सर्वे के बाद जागी सरकार
पंजाब में कैंसर से हर रोज 18 लोगों की मौत हो रही है। यह आंकड़ा पंजाब सरकार द्वारा राज्य में डोर टू डोर करवाए गए सर्वे में सामने आया है। इसी सर्वे के आधार पर राज्य सरकार ने सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में कैंसर के इलाज की सुविधा बढ़ाने के तहत कदम उठाए गए हैं। इसके तहत जहां तीनों मेडिकल कॉलेजों में सुविधाएं बढ़ाई जा रही है।