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चिप में होगी दवा, बॉडी में फिट होते ही खत्म होंगे कैंसर सेल

7 वर्ष पहले
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चंडीगढ़. एक ऐसी चिप, जिसके अंदर कैंसर की दवा कैद है। यह चिप पेशेंट के शरीर में प्लांट कर दी जाएगी और कैंसर सेल्स इससे चिपक जाएंगे और मरते जाएंगे। शरीर के दूसरे सेल्स पर दवा का असर नहीं होगा। आने वाले दिनों में ब्रेस्ट और एबडोमिनल कैंसर इस चिप से मुमकिन होगा। इस चिप को बनाया है डेक्कन यूनिवर्सिटी ऑस्ट्रेलिया के प्रो. जगत कंवर ने। प्रो. कंवर यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईसीईटी) की वर्कशॉप में हिस्सा लेने पीयू आए हुए हैं। इस चिप के एनिमल ट्रायल सक्सेसफुल हो चुके हैं।

प्रो. कंवर ने बताया कि आमतौर पर देखा जाता है कि ब्रेस्ट कैंसर ठीक हो जाता है, लेकिन कुछ साल बाद फिर पनपने लगता है। कैंसर के ट्रीटमेंट में एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल होता, लेकिन यह शरीर के हर हिस्से में जाती हैं और अच्छे सेल्स पर भी नेगेटिव असर डालती हैं। इससे ऑटो इम्यून डिसीज का खतरा रहता है। शरीर में दवा के लिए रसिस्टेंस डेवलप हो जाता है और बाद में कैंसर की दवा असर नहीं करती। यह चिप इन प्रॉब्लम्स को दूर करेगी। इस चिप में दवा को लॉक कर दिया गया है, जो कैंसर सेल्स की पहचान करके उनका खात्मा करेगा। इसका असर शरीर के अन्य सेल्स पर नहीं होगा, क्योंकि दवा चिप में ही कैद रहेगी, शरीर में रिलीज नहीं होगी।

इस चिप को खासतौर पर
ब्रेस्ट कैंसर के लिए कामयाब माना जा रहा है। कीमोथेरेपी या रेडियो थेरेपी के बाद भी कुछ साल
बाद दोबारा ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा रहता है।
टीबी प्रोजक्ट पर हो रहा था काम
मोनाश यूनिवर्सिटी और डेक्कन यूनिवर्सिटी के केमिकल साइंटिस्ट्स और इंजीनियर्स की इस सफलता की शुरुआत किसी और प्रोजेक्ट से हुई थी। इस चिप को टीबी के लिए बनाया जा रहा था लेकिन डॉ. कंवर की टीम ने इससे कैंसर का इलाज तैयार कर लिया।