सीबीआई ने सोमवार को इन दोनों मामलों में बोर्ड के चेयरमैन विनय मित्तल से पूछताछ की, लेकिन वे इनमें उलझकर रह गए। उनसे पूछा गया एक कंपनी को काम बिना टेंडर के ही क्यों अलॉट हुआ। इस पर वे कुछ नहीं बता पाए। इसलिए उनसे दोबारा पूछताछ संभव है।
विनय मित्तल के अलावा सीबीआई ने रेलवे बोर्ड के एक और सदस्य के बयान लिए। उसने सीबीआई को बताया कि विजय सिंगला अकसर रेलवे के कामों के बारे में पूछताछ करता था और कई बार उसने महेश के प्रमोशन के बारे में भी बातचीत की। इस अफसर ने कई नए तथ्य उजागर किए हैं, इसलिए उसका नाम डिस्कलोज नहीं किया जा रहा है। सीबीआई इस अफसर को गवाह बनाने की तैयारी में है।
सीबीआई की टीम सोमवार को रेलवे मंत्रालय पहुंची। उसने प्रमोशन, ट्रांसफर और टेंडर से जुड़ी फाइलें जांच के लिए जब्त कीं। सूत्रों ने कहा कि जांच एजेंसी पूर्व रेलमंत्री पवन बंसल से पूछताछ से पहले सबूत जुटा रही है।
नई दिल्लीत्न रेल घूसकांड मामले में सीबीआई की टीम सोमवार को रेलवे मंत्रालय पहुंची। उसने प्रमोशन, ट्रांसफर और टेंडर से जुड़ी फाइलें जांच के लिए जब्त कर ली हैं। सूत्रों ने कहा जांच एजेंसी पूर्व पवन बंसल से पूछताछ कर सकती है। लेकिन वह इससे पहले उनके खिलाफ पुख्ता सबूत जुटा लेना चाहती है।
सीबीआई अधिकारी सोमवार को रेल भवन पहुंचे। उन्होंने रेल मंत्रालय के अधिकारियों से प्रमोशन, ट्रांसफर की फाइलें मांगी। तीन साल में हुए ट्रांसफर की जानकारी मांगी है। इससे रेल घूसकांड में नए तथ्य सामने आने की संभावना है। जांच एजेंसी इसके आधार पर नए मामले दर्ज कर सकती है। आरोप के मुताबिक रेलवे बोर्ड के सदस्य महेश कुमार के ट्रांसफर के लिए विजय सिंगला और उनके बीच 10 करोड़ की डील हुई थी।
पद से हटते ही हटा ली गई सुरक्षा
बंसल की सुरक्षा में कोई चूक न हो, इसके लिए 4 मई को उनके आवास पर 88 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। अब कुर्सी छूटते ही घर से पुलिसकर्मियों के अलावा बेरिकेडिंग भी हटा लिए गए। यही नहीं, बंसल को दी गई पायलट जिप्सी और एस्कार्ट भी वापस ले ली है। सोमवार को जब पवन बंसल दिल्ली के लिए निकले तो उनके साथ न पॉयलट जिप्सी थी और न ही एस्कॉर्ट।
दर्ज किए जा सकते हैं नए मामले
सीबीआई उन अधिकारियों से भी पूछताछ कर सकती है, जिनका जिक्र एक हजार फोन कॉल्स में है। यह बातचीत सिंगला, महेश कुमार, मंजूनाथ और संदीप गोयल के बीच की है। सीबीआई रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनय से भी पूछताछ कर सकती है। नए केस भी दर्ज हो सकते हैं।
1000 फोन कॉल्स की जांच
सीबीआई सूत्रों के अनुसार रेलवे रिश्वतकांड में 1000 से ज्यादा लोगों के फोन इंटरसेप्ट किए गए हैं। एजेंसी पिछले दो महीने से रेलवे में प्रमोशन, ट्रांसफर और बड़े ठेकों के आवंटन पर नजर रख रही थी। अभी तक कई गिरफ्तारी हो चुकी हैं। कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
बढ़ता घेरा
बंसल से ये सवाल पूछे जा सकते हैं
क्या 16 अप्रैल को मुंबई में महेश कुमार से मिले थे? और दोनों में क्या बात हुई?
क्या 21 अप्रैल को विजय सिंगला ने उनको दिल्ली में महेश से मिलवाया था?
चंडीगढ़ में महेश कुमार से कितनी बार मिले और महेश को कब से जानते हैं?
बंसल व सिंगला के बीच कैसे कारोबारी रिश्ते हैं?
क्या विजय सिंगला ओर महेश कुमार के साथ निजी सचिव राहुल भंडारी के संपर्क की जानकारी बंसल को थी?
पवन बंसल ने पिछले तीन महीनों में कितनी ट्रांसफर-पोस्टिंग की? ञ्चक्या किसी सियासी दबाव या फायदे के लिए तबादले किए गए?