पंचकूला. जैसे-जैसे उम्र बढ़ रही है, वैसे-वैसे मेरे अंदर खेलों के प्रति जुनून बढ़ता जा रहा है। चाहता हूं कि मेरा शरीर हमेशा इसी तरह मेरा साथ देता रहे और बस मैं खेलता जाऊं। यह कहना किसी 25 साल के नौजवान का नहीं, बल्कि 77 साल के बुजुर्ग जीएस सौंखला का है।
यूं तो जीएस सौंखला कई प्रतियोगिताओं में गोल्ड जीतकर अपनी काबिलियत बयां कर चुके हैं, लेकिन बढ़ती उम्र में इस तरह का जज्बा सबके लिए एक मिसाल है। खेल के प्रति उनका जोश किसी नौजवान से कम नहीं है। वे कई बार अपने प्रदर्शन से यह साबित भी कर चुके हैं। जून में बेंगलूरु में आयोजित होने वाली नेशनल मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए वे दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। सुबह 6 किलोमीटर दौड़ते हैं और 4 घंटे जमकर प्रैक्टिस करते हैं।
अक्टूबर में ब्राजील में होने वाली वल्र्ड मास्टर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्ड जीतना है मकसद: सौंखला ने बताया कि अक्टूबर में ब्राजील में वल्र्ड मास्टर एथलेटिक्स चैंपियनशिप आयोजित होगी। उस प्रतियोगिता में देशभर से कई खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।
उनका मकसद इस प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन कर गोल्ड जीतकर भारत का नाम रोशन करना है, इसलिए वे अभी से कड़ी मेहनत कर रहे हैं। इसमें वे कोई लापरवाही नहीं बरतना चाहते। सुबह 6 बजे प्रैक्टिस करने ग्राउंड पहुंच जाते हैं। रनिंग करने के बाद प्रैक्टिस करते हैं। शाम को फिर वे 5 बजे ग्राउंड पहुंच जाते हैं। सौंखला ट्रिपल जंप, लॉन्ग जंप और 100 मीटर रेस के खिलाड़ी हैं और सभी ईवेंट में गोल्ड मेडल हासिल कर चुके हैं।
पोस्ट ऑफिस से क्लर्क पद से रिटायर सौंखला पहले खेलने के लिए ज्यादा समय नहीं निकाल पाते थे। 1994 में वे रिटायर हुए। उसके बाद ही उन्होंने खेलना शुरू किया। अपनी लगन और मेहनत के चलते उन्होंने उम्र को कभी अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया।
नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर उपलब्धियां
राष्ट्रीयस्तरीय प्रतियोगिताएं
मास्टर्स राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता में 1998 से 2006 तक सौंखला ने रेस, लॉन्ग जंप, रिले रेस और ट्रिपल जंप में 9 गोल्ड, 6 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज मेडल जीते।
2009 में हिसार में हुई मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में ट्रिपल जंप में 8.74 मीटर जंप लगाकर 15 साल का रिकॉर्ड तोड़ा।
2011 में चंडीगढ़ में हुई 32वीं नेशनल मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 400 मीटर रिले रेस और ट्रिपल जंप में गोल्ड और 100 मीटर रिले रेस में सिल्वर मेडल जीता।
2012 में बेंगलूरु में हुई 33वीं नेशनल मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रिले रेस, लॉन्ग जंप और ट्रिपल जंप में गोल्ड मेडल जीते।
वर्ल्ड लेवल
अमेरिका में जुलाई 2011 में हुई 19वीं वल्र्ड मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने ट्रिपल जंप में छठा स्थान प्राप्त किया।