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डाउनलोड करेंचंडीगढ़. पीसीआर कर्मियों के किशोरी से गैंगरेप के दाग अभी धुले भी नहीं थे, कि चंडीगढ़ पुलिस के कांस्टेबलों की करतूत सामने आ गई है। कांस्टेबल अनिल और कुलदीप पर आरोप है कि दोनों ने पीयू की छात्रा और छात्र को धमकाया, उनकी ज्वेलरी रख ली, इसके एवज में पैसे मांगे और छात्रा पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया। छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने शनिवार रात को दोनों कांस्टेबलों को गिरफ्तार किया है।
20 जनवरी को पीयू की एमबीए की छात्रा और छात्र विजय शर्मा शांतिकुंज, सेक्टर-16 में बैठे थे। कांस्टेबल अनिल और कुलदीप बावर्दी वहां पहुंचे और धमकाया कि थाने ले जाएंगे। इसके बाद विजय से 200 रुपए ले लिए और छात्रा की कान से झुमके उतरवा लिए। छात्रा के मुताबिक झुमकों में सुच्चे मोती जड़े थे। आरोपियों ने छात्रा का फोन नंबर लिया और कहा कि अगले दिन 1000 रुपए देकर झुमके ले जाना। इसके बाद आरोपियों ने छात्रा को फोन करना शुरू कर दिया और शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया। दोनों ने कहा कि पैसे नहीं दे सकते तो होटल चलो, तभी झुमके वापस मिलेंगे।
छात्रा ने सब कुछ फोन पर रिकॉर्ड कर यूटी पुलिस के एक इंस्पेक्टर को दिया। इंस्पेक्टर ने छात्र-छात्रा को सेक्टर-43 चौकी इंचार्ज एसआई शेर सिंह के पास भेज दिया।
पुलिस पहले समझती रही कि कोई पुलिसवाला बनकर सब कुछ कर रहा है। शनिवार को पुलिस के कहने पर छात्रा ने फोन पर आरोपी कांस्टेबल अनिल को मिलने के लिए सेक्टर-43 के बस स्टैंड पर बुलाया। यहां पुलिस ने ट्रैप लगा रखा था। अनिल छात्रा के पास पहुंचा, लेकिन पुलिस देखकर भागा। हालांकि पुलिस ने उसे दबोच लिया। पहले वह कहता रहा कि सिक्योरिटी गार्ड है, बाद में कबूला कि कांस्टेबल है। पहले खुद को पीसीआर, चीता स्टाफ में बताता रहा। बाद में कहा कि आईआरबी में है। साथी कांस्टेबल का नाम उसने कुलदीप बताया। देर रात पुलिस ने कुलदीप को भी दबोच लिया। थाना-17 में केस दर्ज किया गया है।
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