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डाउनलोड करेंचंडीगढ़. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया में मेंबर फाइनांस के रूप में काम कर रहे 1985 बैच के आईएएस अफसर सतीश चंद्रा को मुख्य चुनाव अधिकारी लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं, लेकिन सतीश चंद्रा इस पद पर आना नहीं चाहते। क्योंकि भारत सरकार ने उन्हें रीपेट्रिएट करने से इनकार कर दिया है।
पंजाब सरकार द्वारा सीईओ के पद के लिए तीन अफसरों का पैनल निर्वाचन आयोग को भेजा गया था जिसमें सतीश चंद्रा, यूटी के फाइनांस सेक्रेटरी पद से लौटे वीके सिंह और जालंधर के डिविजनल कमिश्नर आर वेंकटरत्नम शामिल थे।
आयोग ने सतीश चंद्रा के नाम पर मुहर लगाते हुए उन्हें सीईओ लगाने के आदेश जारी कर दिए। इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि भी कर दी गई है लेकिन सतीश चंद्रा ज्वाइन करेंगे कि नहीं यह अभी बड़ा सवाल है। चंद्रा से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने उनको रीपेट्रिएट करने से इंकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि मैंने अगस्त में पंजाब काडर में लौटने का आवेदन किया लेकिन कार्मिक मंत्रालय ने कहा कि यदि वह ऐसा करेंगे तो वह पांच साल के लिए केंद्र में आने के लिए डीबार कर दिए जाएंगे। ऐसे में काडर में लौटने का आवेदन वापस ले लिया है।
क्या करेगा निर्वाचन आयोग
अब सवाल यह है कि क्या निर्वाचन आयोग उन्हें जबरन इस पद पर भेजेगा या नए सिरे से पैनल मंगवाकर किसी और अफसर का नाम तय करेगा। काबिले गौर है कि मुख्य चुनाव अधिकारी कुसुमजीत सिद्धू के केंद्र में डेपुटेशन पर चले जाने के बाद यह पद खाली है और एडिशनल मुख्य चुनाव अधिकारी रमिंदर सिंह को ही मुख्य चुनाव अधिकारी का चार्ज दिया हुआ है।
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