छेड़छाड़, भद्दे कमेंट किए तो नहीं मिलेगी बेल

9 वर्ष पहले
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चंडीगढ़. लड़कियों से छेड़छाड़ करने पर अब थाने से जमानत नहीं मिलेगी। चंडीगढ़ पुलिस ने आईपीसी की धारा 354 (शारीरिक छेड़छाड़) और 509 (महिला पर ऐसे कमेंट करना, जिससे वह शर्मिदा महसूस करे) को गैरजमानती बनाने का फैसला लिया है।
पहले इन धाराओं के तहत केस दर्ज होने पर आरोपी को थाने से ही जमानत मिल जाती थी। अब इन्हें गैरजमानती बनाने का प्रस्ताव कार्यकारी आईजीपी आलोक कुमार ने कानूनी राय के बाद प्रशासन को भेज दिया है। बताया गया कि प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा ने भी इस पर सहमति जता दी है। प्रस्ताव को चंडीगढ़ प्रशासन ने एग्जामिन करना शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि अगले हफ्ते तक इस संबंध में नोटिफिकेशन कर दी जाएगी।
गौरतलब है कि लड़कियों के साथ छेड़छाड़ के खिलाफ भास्कर की मुहिम के बाद चंडीगढ़ पुलिस के एसएसपी नौनिहाल सिंह ने अवेयरनेस ड्राइव शुरू की। स्कूल-कॉलेजों में जाकर छात्राओं को कहा गया कि वे बिना डर के शिकायत करें। इस दौरान कई छात्राओं ने ही मुद्दा उठाया कि आरोपी चंद घंटों में थानों से ही छूट जाते हैं। ऐसे में आरोपियों में कानून का डर नहीं रहता।
दोबारा छेड़छाड़ होने पर लड़कियां हिचकिचाती हैं और डर बढ़ जाता है। इसके बाद ही पुलिस ने इन धाराओं को गैरजमानती बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। पुलिस धारा 294 (छेड़छाड़) को भी गैरजमानती बनाना चाहती थी। लेकिन इसका मिसयूज होने की आशंका के कारण विचार बदल दिया।
प्रशासन के पास है पावर
जरूरत पड़ने पर प्रशासन आईपीसी की धारा को कानून राय के बाद नोटिफिकेशन जारी कर जमानती या गैरजमानती घोषित कर सकता है। इससे पहले धारा 506 (धमकी देना) को भी चंडीगढ़ प्रशासन नोटिफिकेशन जारी कर गैरजमानती बना चुका है। जबकि अन्य राज्यों में यह धारा जमानती है।
कई बार सामने आया कि शारीरिक छेड़छाड़ करने वालों को भी तुरंत जमानत मिल जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए और आईपीसी की धारा 354 और 509 को गैरजमानती बनाने का प्रस्ताव प्रशासन को भेजा गया है। एडवाइजर साहब ने भी इस पर अपनी सहमति जताई है।
-आलोक कुमार, कार्यकारी आईजीपी