बठिंडा। कोल स्कैम में सुप्रीम कोर्ट की तरफ से कैंसल की गई कोल ब्लॉक में पंजाब के थर्मल प्लांट को कोयला सप्लाई करने वाली पैनम कंपनी का कोल ब्लॉक भी शामिल है। इससे पंजाब में कोयला संकट बढ़ने के आसार बन गए हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस कोल ब्लॉक को मार्च 2015 तक चलाने की मंजूरी दे दी है। इसके बाद कोल इंडिया इसे टेकओवर करेगी या फिर नए सिरे से ब्लॉक अलॉट होंगे। मगर तब तक पैनम के पंजाब में कोयला सप्लाई करने की उम्मीद बेहद कम है। क्योंकि कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से एक हफ्ते पहले ही 18 सितंबर को पंजाब को कोल सप्लाई बंद कर दी थी। इससे आने वाले छह महीने पंजाब में कोयला संकट में गुजरेंगे।
बता दें कि इसकी शुरुआत वीरवार से हो चुकी है। लहरा महोब्बत थर्मल के 210 मैगावाट क्षमता के यूनिट को कोयले की कमी से बंद करना पड़ा। अब बठिंडा, लहरा और रोपड़ थर्मल प्लांट के पास सर्फ छह दिन का कोयला बाकी है। हालांकि इस संकट से निपटने के लिए पावरकॉम ने इंपोर्टड कॉल इस्तेमाल करने की योजना बनाई है। मगर उसकी क्वाॅलिटी और महंगे दाम का कड़वा अनुभव 2005 में बिजली बोर्ड झेल चुका है, जिसके बाद इसका इस्तेमाल बंद कर दिया गया था।
पावर एक्सचेंज ने रेट बढ़ाए तो ट्यूबवेलों की सप्लाई काटी
पंजाब में कोयला संकट से पर्याप्त उत्पादन न कर पाने से डिमांड पूरी करने के लिए बाहर से पावरकॉम बिजली खरीद करता रहा। 21 सितंबर को 95 लाख यूनिट बिजली 4.38 रुपये प्रति यूनिट पर 4.2 करोड़ में खरीदी, 22 सितंबर को 61 लाख यूनिट बिजली 4.70 रुपये प्रति यूनिट पर 2.90 करोड़ में खरीदी, 23 सितंबर को 60 लाख यूनिट बिजली 4.79 रुपये प्रति यूनिट पर 2.8 करोड़ में खरीदी गई। मगर बाद में पावर एक्सचेंज से बिजली दर 5.20 रुपये प्रति यूनिट पर पहुंच गई, जिससे 24, 25 और 26 सितंबर को बिजली खरीद बंद कर डिमांड कंट्रोल करने के लिए ट्यूबवेल कनेक्शनों की सप्लाई में 4 घंटे की कटौती कर दी गई। इससे किसानांे को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
थर्मलों को चाहिए रोजना 40 हजार टन, मिल रहा 40 फीसदी
पावरकॉम के तीनों थर्मल प्लांट बठिंडा, लहरा मोहब्बत और रोपड़ को फुल लोड पर चलाने के लिए रोजाना 40 हजार टन कोयला चाहिए। इसके लिए रोजाना कोयल के 10 से 11 रैक पंजाब को चाहिए। मगर पैनम की सप्लाई बंद होने से पंजाब को मात्र 4 से 5 रैक रोजाना कॉल इंडिया की तरफ से मिल रहे हैं। जो कुल डिमांड का मात्र 40 फीसदी है। ऐसे में आने वाले छह महीन में अगर पंजाब के थर्मल प्लांट को चलाना है तो या तो बाहर से महंगे दाम पर कोयला इंपोटर्ट करना होगा या फिर पैनम से सप्लाई लेनी होगी।
मगर पैनम की पिछले एक साल से कार्यप्रणाली ठीक नहीं रही। इससे रोजाना 6 रैक कोयला सप्लाई का अनुबंध करने के बाद पैनम ने साल 2014-15 में मात्र 380 रैक कोयला ही पंजाब को दिया। इसकी रोजाना की एवरेज 2.50 रैक बनती है। हालांकि पावरकॉम ने पैनम की डिमांड के अनुसार उन्हें 30 सितंबर 2014 तक की एडवांस पेमेंट भी अदा कर दी थी। इसके बाद भी सितंबर माह में 18 तारीख तक मात्र 60 रैक ही सप्लाई दी, जो अनुबंध से कम थी। और 18 सितंबर के बाद कोयला देना ही बंद कर दिया।