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डाउनलोड करेंचंडीगढ़. लोकसभा की टिकट के लिए पवन बंसल के नाम की सोमवार को जो खिलाफत हुई वह अचानक नहीं थी। उस दौरान बागियों ने टिकट के दावेदारों के जो नाम लिए वह आवेश में लिए गए नाम नहीं थे। सब कुछ प्री-प्लान्ड था। उस दौरान विनोद शर्मा और मनीष तिवारी के नाम लिए गए।
मंगलवार को यही बागी विनोद शर्मा से मिलने उनके घर पहुंचे हुए थे। दविंदर सिंह बबला, भूपिंदर सिंह बड़हेड़ी, केसर सिंह हल्लोमाजरा ने विनोद शर्मा से उनके घर सेक्टर-9 में मुलाकात की। जबकि बगावत की आवाज बुलंद करने वाले हरमोहिंद्र सिंह लक्की भी दोपहर बाद शर्मा से मिले। लक्की ने सोमवार शाम मनीष तिवारी से भी मुलाकात की।
पहले बबला-बड़हेड़ी सफाई देते रहे कि वह किसी के ट्रांसफर के सिलसिले में शर्मा से मिलने आए हैं। हालांकि लक्की ने साफ ही कहा कि शहर में कांग्रेस की हालत को डिसकस करने आए थे। बाद में बबला ने कहा कि वह विनोद शर्मा की वजह से ही कांग्रेस में आए थे। साथ ही कहा कि पवन बंसल ने कांग्रेसी वर्करों को आगे बढऩे का मौका नहीं दिया। वहीं, बड़हेड़ी ने कहा कि उन्हें काउंसलर टिकट न मिलने का कोई गम नहीं, लेकिन बंसल ने गांव वालों के लिए कुछ किया ही नहीं। वह 25 साल से विनोद शर्मा को जानते हैं।
शकील और मनीष एक साथ रवाना हुए दिल्ली
सोमवार को लक्की ने सांसद के टिकट के लिए मनीष तिवारी का नाम शकील अहमद के सामने उठाया था। सोमवार शाम को शकील अहमद और मनीष तिवारी एक साथ, एक ही फ्लाइट से दिल्ली रवाना हुए। शकील मंगलवार सुबह फिर चंडीगढ़ आए।
आगे की स्लाइड में पढ़िए वो ट्वीट जिसके बाद शुरू हुई चर्चा...
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